JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2017

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिये गये हैं :

अभिकथन (A) : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू. एच. ओ.) के अनुसार 1993 में विश्व में 16.5 मिलियन मृत्यु छुआछूत की बीमारियों के कारण हुई थी।

कारण (R) : स्वास्थ्य नियोजन के बिना नगरीकरण के कारण इस प्रकार की बीमारियाँ फैलती हैं।

नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

B.

(A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

C.

(A) सही है, परन्तु (R) गलत है।

D.

(A) गलत है, परन्तु (R) सही है।

Correct Answer: B

Detailed Solution

अभिकथन (A) सही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ऐतिहासिक आकलन के अनुसार वर्ष 1993 में विश्वभर में लगभग 16.4–16.5 मिलियन (1.64–1.65 करोड़) लोगों की मृत्यु संक्रामक एवं परजीवी रोगों (Infectious and Parasitic Diseases) के कारण हुई थी। इनमें श्वसन संक्रमण, तपेदिक (Tuberculosis), मलेरिया तथा अतिसार संबंधी रोग (Diarrhoeal Diseases) जैसी बीमारियाँ शामिल थीं। उस समय संक्रामक रोग वैश्विक मृत्यु के प्रमुख कारणों में थे।

कारण (R) भी सही है। पर्याप्त स्वास्थ्य नियोजन (Health Planning) के बिना तेजी से होने वाला नगरीकरण (Urbanisation) संक्रामक रोगों के प्रसार का जोखिम बढ़ा सकता है। अत्यधिक जनसंख्या घनत्व, भीड़भाड़ वाले आवास, असुरक्षित पेयजल, अपर्याप्त स्वच्छता तथा खराब Waste Management ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करते हैं, जिनमें रोगजनकों (Pathogens) का संक्रमण आसानी से फैल सकता है।

दोनों कथनों के बीच कारणात्मक संबंध: स्वास्थ्य नियोजन के अभाव में नगरीकरण संक्रामक रोगों के फैलने का एक कारण हो सकता है, लेकिन वर्ष 1993 में विश्वभर में हुई लगभग 16.5 मिलियन मौतों की संपूर्ण व्याख्या नहीं करता। इन मौतों में गरीबी, कुपोषण, टीकाकरण की अपर्याप्तता, स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच तथा विभिन्न रोगजनकों का संक्रमण जैसे अनेक कारक शामिल थे। संक्रामक रोग केवल नगरीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं थे।

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