JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2024

Previous Year Question

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए।

सूची-I (लेखक)

सूची-II (पुस्तक)

A. लल्लनजी गोपाल

1. ए कॉम्प्रिहेन्सिव हिस्ट्री ऑफ इंडिया: द दिल्ली सल्तनत

B. हबीब और निजामी

2. द इकोनॉमिक लाइफ ऑफ नॉर्दर्न इंडिया

C. के. एस. लाल

3. अर्ली चौहान डायनेस्टीज़

D. दशरथ शर्मा

4. हिस्ट्री ऑफ द खलजीज़

कूट:

A.

A–2, B–1, C–4, D–3

B.

A–1, B–2, C–3, D–4

C.

A–4, B–3, C–2, D–1

D.

A–3, B–4, C–1, D–2

Correct Answer: A

Detailed Solution

A. लल्लनजी गोपाल — द इकोनॉमिक लाइफ ऑफ नॉर्दर्न इंडिया (2)। इतिहासकार लल्लनजी गोपाल (Lallanji Gopal) ने The Economic Life of Northern India, c. A.D. 700–1200 की रचना की। इस ग्रंथ में 700 से 1200 ईस्वी के बीच उत्तर भारत की आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन किया गया है। इसमें भूमि स्वामित्व, कृषि व्यवस्था, व्यापार, उद्योग, राजस्व प्रणाली तथा आर्थिक संस्थाओं के विकास का विश्लेषण मिलता है। यह ग्रंथ प्रारंभिक मध्यकालीन भारत के आर्थिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्ययन है।

B. हबीब और निजामी — ए कॉम्प्रिहेन्सिव हिस्ट्री ऑफ इंडिया: द दिल्ली सल्तनत (1)। इतिहासकार मोहम्मद हबीब (Mohammad Habib) और खलीक अहमद निजामी (Khaliq Ahmad Nizami) ने A Comprehensive History of India के पाँचवें खंड, The Delhi Sultanat (A.D. 1206–1526) का संपादन किया था। यह ग्रंथ 1970 में प्रकाशित हुआ। इसमें गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी राजवंशों के राजनीतिक इतिहास के साथ दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक, सामाजिक तथा धार्मिक परिस्थितियों का अध्ययन किया गया है।

C. के. एस. लाल — हिस्ट्री ऑफ द खलजीज़ (4)। इतिहासकार किशोरी शरण लाल (K. S. Lal) ने History of the Khaljis (1290–1320) की रचना की, जिसका प्रथम प्रकाशन 1950 में हुआ था। यह ग्रंथ दिल्ली सल्तनत के खिलजी राजवंश के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास पर केंद्रित है। इसमें जलालुद्दीन फिरोज खिलजी तथा अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल, सैन्य अभियानों, राजस्व व्यवस्था और बाजार नियंत्रण संबंधी नीतियों का अध्ययन किया गया है।

D. दशरथ शर्मा — अर्ली चौहान डायनेस्टीज़ (3)। इतिहासकार दशरथ शर्मा (Dasharatha Sharma) ने Early Chauhan Dynasties की रचना की, जिसका प्रकाशन 1959 में हुआ था। इस ग्रंथ में लगभग 800 से 1316 ईस्वी के बीच चौहान राजवंशों के राजनीतिक इतिहास, प्रशासनिक संस्थाओं तथा सामाजिक जीवन का अध्ययन किया गया है। इसमें शाकम्भरी-अजमेर, नाडोल, जालौर और रणथम्भौर की चौहान शाखाओं तथा पृथ्वीराज चौहान जैसे शासकों का विवरण मिलता है।

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