Previous Year Question
‘रर्बनाइजेशन’ के विचार की व्याख्या निम्नलिखित में से किस समाजशास्त्री ने की थी?
एच. स्पेंसर
योगेन्द्र सिंह
जी. एस. घुर्ये
एम. एन. श्रीनिवास
Correct Answer: C
Detailed Solution
सही उत्तर जी. एस. घुर्ये है।
Rurbanization की अवधारणा ग्रामीण और नगरीय जीवन के बीच संबंध तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय विशेषताओं के क्रमिक विकास को समझाती है। जी. एस. घुर्ये ने भारत में इस प्रक्रिया की व्याख्या करते हुए बताया कि नगरों का विकास ग्रामीण परिवेश के भीतर से भी हो सकता है।
इस प्रक्रिया में कोई गाँव धीरे-धीरे बाजार, व्यापार या प्रशासन का केंद्र बनता है और आगे चलकर नगरीय स्वरूप ग्रहण कर सकता है। इस परिवर्तन के दौरान उसमें ग्रामीण और नगरीय दोनों प्रकार की विशेषताएँ मौजूद रह सकती हैं।
समझने के लिए एक उदाहरण: किसी गाँव में कृषि के साथ दुकानें, परिवहन सेवाएँ और गैर-कृषि रोजगार बढ़ने लगें, लेकिन वहाँ कृषि तथा पारंपरिक सामाजिक संबंध भी बने रहें—तो यह ग्रामीण और नगरीय विशेषताओं के सह-अस्तित्व को दर्शाता है।
ग्रामीण और नगरीय समाज के बीच हमेशा कठोर विभाजन नहीं होता। शहरों में भी पारिवारिक तथा सामुदायिक संबंध बने रह सकते हैं और गाँवों में नगरीय जीवनशैली तथा व्यवसाय फैल सकते हैं। इसी कारण इन संबंधों को समझने में Rural–Urban Continuum उपयोगी है।
घुर्ये के विश्लेषण में गाँव से शहर जाने वाले लोगों और उनके परिवारों पर नगरीकरण के प्रभाव भी महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए इस विषय को केवल बस्तियों के आकार में परिवर्तन तक सीमित नहीं समझना चाहिए; इसमें सामाजिक और आर्थिक संबंधों का परिवर्तन भी शामिल है।