JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2022

Previous Year Question

भारत में कृषि सब्सिडी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. भारत में उर्वरकों जैसी आगत सब्सिडियाँ अप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडियों के अंतर्गत आती हैं।

  2. किसानों को बिजली और सिंचाई के बिलों में दी जाने वाली छूट प्रत्यक्ष कृषि सब्सिडियों के अंतर्गत आती है।

  3. विश्व व्यापार संगठन (WTO) के कृषि संबंधी प्रावधान प्रत्यक्ष कृषि सब्सिडियों की अनुमति देते हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष सब्सिडियों को प्रतिबंधित करते हैं।

  4. भारत में सरकारों द्वारा दी जाने वाली सभी सब्सिडियाँ अप्रत्यक्ष सब्सिडियों के अंतर्गत आती हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही कथनों का चयन कीजिए।

A.

1 और 2

B.

3 और 4

C.

2 और 3

D.

1 और 4

Correct Answer: D

Detailed Solution

कथन 1 सही है। भारत में उर्वरक जैसी आगत सब्सिडियाँ (Input Subsidies) सामान्यतः अप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडी (Indirect Agricultural Subsidy) के अंतर्गत आती हैं। इनमें सरकार उत्पादन के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की लागत कम करती है। उदाहरण के लिए, उर्वरक सब्सिडी उत्पादकों अथवा आयातकों के माध्यम से दी जाती है, जिससे किसानों को निर्धारित रियायती मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध होते हैं।

कथन 2 गलत है। किसानों को बिजली और सिंचाई के बिलों में दी जाने वाली छूट भी सामान्यतः अप्रत्यक्ष सब्सिडी होती है, क्योंकि इससे कृषि उत्पादन में प्रयुक्त बिजली और जल की लागत घटती है। इसके विपरीत, प्रत्यक्ष सब्सिडी (Direct Subsidy) में वित्तीय सहायता लाभार्थी को सीधे प्रदान की जाती है। उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं।

कथन 3 गलत है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) का कृषि समझौता (Agreement on Agriculture – AoA), 1995 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडियों के बीच ऐसा पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाता। यह कृषि सहायता को मुख्यतः व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर Amber Box, Blue Box और Green Box में वर्गीकृत करता है। Green Box की निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली सहायता पर व्यय-सीमा नहीं होती, जबकि Amber Box की व्यापार-विकृत करने वाली सहायता पर सीमाएँ लागू होती हैं। समझौते का अनुच्छेद 6.2 विकासशील देशों को निर्धारित परिस्थितियों में कृषि आगत सब्सिडी की अनुमति भी देता है।

कथन 4 तथ्यात्मक रूप से गलत है, यद्यपि प्रश्न के प्रचलित उत्तर में इसे सही माना गया है। भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी कृषि सब्सिडियाँ अप्रत्यक्ष नहीं हैं। PM-KISAN योजना 2018 से प्रभावी हुई तथा 24 फरवरी, 2019 को औपचारिक रूप से शुरू की गई, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता दी जाती है। दूसरी ओर, उर्वरक, रियायती बिजली और सिंचाई जैसी सुविधाएँ अप्रत्यक्ष सहायता के उदाहरण हैं। इस प्रकार 2022 में भी भारत में दोनों प्रकार की सहायता मौजूद थी।

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