Previous Year Question
भारतीय न्यायिक व्यवस्था में जब जनहित याचिका को शामिल किया गया उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश कौन थे ?
एम. हिदायतुल्ला
ए.एम. अहमदी
पी. एन. भगवती
ए. एस. आनन्द
Correct Answer: C
Detailed Solution
Justice P. N. Bhagwati भारत में Public Interest Litigation (PIL) के विकास से प्रमुख रूप से जुड़े न्यायाधीशों में से थे। Supreme Court के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वे 12 जुलाई 1985 को भारत के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए और 20 दिसंबर 1986 तक इस पद पर रहे।
PIL ने पारंपरिक locus standi के नियम को व्यापक बनाया। सामान्यतः केवल प्रभावित व्यक्ति ही न्यायालय जाता था, लेकिन PIL के माध्यम से कोई public-spirited individual या group व्यापक जनहित से जुड़े मामलों में न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। Supreme Court ने कुछ मामलों में letters, telegrams और postcards तक को writ petitions के रूप में स्वीकार किया।
विशेष रूप से गरीब, वंचित और ऐसे लोगों के अधिकारों की रक्षा में PIL महत्वपूर्ण बना जो स्वयं न्यायालय तक पहुँचने की स्थिति में नहीं थे। Justice Bhagwati ने locus standi को liberalise करने और social action litigation को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ध्यान देने योग्य तथ्य: भारत में PIL किसी एक दिन या एक ही मामले में अचानक प्रारम्भ नहीं हुआ; इसका विकास 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक में क्रमिक रूप से हुआ।