Previous Year Question
निम्नलिखित में किसे अशोक चन्द्र द्वारा भारत में ‘आर्थिक मंत्रिपरिषद’ कहा गया ?
योजना आयोग
वित्त आयोग
केन्द्रीय मंत्रिपरिषद
प्रशासनिक सुधार आयोग
Correct Answer: A
Detailed Solution
अशोक चन्दा (Ashok Chanda) ने भारत के योजना आयोग (Planning Commission) को ‘आर्थिक मंत्रिपरिषद’ (Economic Cabinet) कहा था। उनका मानना था कि योजना आयोग की व्यापक कार्य-सीमा और उसकी अस्पष्ट संस्थागत स्थिति के कारण आर्थिक नीति-निर्माण में उसका प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया था। एक सलाहकार संस्था होते हुए भी वह केंद्र और राज्यों के आर्थिक निर्णयों को प्रभावित करने लगी थी।
योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च, 1950 को भारत सरकार के एक संकल्प द्वारा की गई थी। यह न तो संवैधानिक संस्था थी और न ही किसी संसदीय अधिनियम द्वारा स्थापित वैधानिक संस्था। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे। इसका प्रमुख कार्य पंचवर्षीय योजनाएँ तैयार करना, संसाधनों का आकलन करना तथा आर्थिक और सामाजिक विकास की प्राथमिकताएँ निर्धारित करना था।
अशोक चन्दा की टिप्पणी योजना आयोग की बढ़ती प्रशासनिक शक्ति की आलोचना थी। उनके अनुसार आयोग का प्रभाव सामान्य सलाहकार संस्था की सीमा से आगे बढ़कर निर्वाचित सरकार के कार्यक्षेत्र तक पहुँच गया था। इसी कारण योजना आयोग को ‘सुपर कैबिनेट’ और ‘समानांतर मंत्रिमंडल’ जैसे नामों से भी संबोधित किया गया।
1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई। नीति आयोग का प्रमुख उद्देश्य केंद्र और राज्यों को नीतिगत एवं तकनीकी सलाह देना तथा सहकारी संघवाद को प्रोत्साहित करना है। अन्य विकल्पों में वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित संवैधानिक संस्था है, जबकि केंद्रीय मंत्रिपरिषद और प्रशासनिक सुधार आयोग की भूमिकाएँ योजना आयोग से अलग हैं।