JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2015

Previous Year Question

निम्न में से कौन अब भारत में तेल की कीमतों का निर्धारण करता है?

A.

वित्त मंत्रालय

B.

संबंधित राज्य सरकार

C.

पेट्रोलियम मंत्रालय

D.

तेल कम्पनियां

Correct Answer: D

Detailed Solution

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण तेल विपणन कम्पनियां (Oil Marketing Companies – OMCs) करती हैं। इनमें प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं। इन कम्पनियों को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतें निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है।

भारत सरकार ने 26 जून, 2010 को पेट्रोल तथा 19 अक्टूबर, 2014 को डीजल की कीमतों को नियंत्रणमुक्त (Deregulated) किया। इससे पहले इनकी खुदरा कीमतों के निर्धारण में सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका अधिक थी। नियंत्रणमुक्त होने के बाद तेल कम्पनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और व्यावसायिक लागतों के आधार पर कीमतों से संबंधित निर्णय लेने लगीं।

पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में संबंधित पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर, परिवहन लागत, विपणन व्यय और डीलर कमीशन से प्रभावित होती हैं। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क (Excise Duty) तथा राज्य सरकारों का मूल्य वर्धित कर (VAT) भी अंतिम खुदरा मूल्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए विभिन्न राज्यों में इनकी कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोलियम क्षेत्र की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित है, जबकि राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल पर VAT निर्धारित करती हैं। हालांकि, सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें पूरी तरह नियंत्रणमुक्त नहीं हैं। घरेलू LPG जैसे उत्पादों के उपभोक्ता मूल्यों में सरकार की भूमिका बनी रही है। अतः वर्ष 2015 के संदर्भ में पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण की प्रमुख जिम्मेदारी तेल कम्पनियों की थी।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.