Previous Year Question
शिव की ‘दक्षिणामूर्ति’ प्रतिमा उन्हें किस रूप में प्रदर्शित करती है?
शिक्षक
नृत्य करते हुए
विश्राम करते हुए
ध्यानमग्न
Correct Answer: A
Detailed Solution
दक्षिणामूर्ति भगवान शिव का गुरु या शिक्षक रूप है। इस रूप में शिव को ज्ञान, दर्शन, योग, संगीत और शास्त्रों के परम शिक्षक के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
‘दक्षिणामूर्ति’ का शाब्दिक अर्थ दक्षिण की ओर मुख किए हुए स्वरूप से है। मंदिर स्थापत्य में उनकी प्रतिमा सामान्यतः शिव मंदिर के गर्भगृह की दक्षिणी दिशा से संबंधित होती है।
प्रतिमा-विज्ञान में दक्षिणामूर्ति को सामान्यतः वटवृक्ष के नीचे बैठे हुए, अपने चारों ओर उपस्थित ऋषियों या शिष्यों को ज्ञान प्रदान करते हुए दिखाया जाता है।
उनके शिक्षक स्वरूप में दाहिना हाथ प्रायः व्याख्यान मुद्रा या ज्ञान मुद्रा में होता है। कुछ प्रतिमाओं में हाथ में पुस्तक, माला या अन्य ज्ञान-संबंधी चिह्न भी दिखाई देते हैं।
दक्षिणामूर्ति के कई iconographic forms मिलते हैं, जैसे Jnana Dakshinamurti, Yoga Dakshinamurti, Veena Dakshinamurti और Vyakhyana Dakshinamurti। इन सभी में मूल विचार शिव के ज्ञानदाता और गुरु स्वरूप का है।