JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2011

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किसने कहा था, “ईश्वर की इच्छा थी कि मैं सभी धर्मों को एक आँख से देखूँ, इसलिए उसने दूसरी आँख की रोशनी छीन ली”?

A.

महाराजा रणजीत सिंह

B.

महाराजा शेर सिंह

C.

महाराजा दलीप सिंह

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं

Correct Answer: A

Detailed Solution

महाराजा रणजीत सिंह ने धार्मिक समानता के संदर्भ में यह प्रसिद्ध कथन कहा था कि ईश्वर ने उन्हें एक ही आँख से सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखने का अवसर दिया। इस कथन से उनका आशय था कि शासन में हिन्दू, मुस्लिम, सिख और अन्य धार्मिक समुदायों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए।

रणजीत सिंह का जन्म 13 नवंबर, 1780 को गुजरांवाला (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। बचपन में चेचक (Smallpox) के कारण उनकी बाईं आँख की रोशनी चली गई थी। उन्होंने अपनी इस शारीरिक स्थिति को धार्मिक समानता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। यह कथन उनके धार्मिक सहिष्णुता संबंधी दृष्टिकोण से जुड़ा है।

12 अप्रैल, 1801 को रणजीत सिंह पंजाब के महाराजा बने। उन्होंने लाहौर को अपनी राजधानी बनाया और सिख साम्राज्य को एक शक्तिशाली राज्य के रूप में संगठित किया। उनके प्रशासन में विभिन्न धार्मिक समुदायों के व्यक्तियों को महत्वपूर्ण पद दिए गए। मुस्लिम विद्वान फकीर अजीजुद्दीन उनके प्रमुख सलाहकार और विदेश मामलों से संबंधित अधिकारी थे।

रणजीत सिंह को 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अमृतसर के हरमंदिर साहिब के स्वर्णमंडित विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी मृत्यु 27 जून, 1839 को हुई। अन्य विकल्पों में महाराजा शेर सिंह ने 1841–1843 तथा महाराजा दलीप सिंह ने 1843–1849 के दौरान पंजाब पर शासन किया। संबंधित कथन रणजीत सिंह से जुड़ा है।

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