JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2011

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किसने 1935 के अधिनियम के बारे में कहा था, “एक कार जिसमें ब्रेक तो है पर इंजन नहीं”?

A.

जवाहरलाल नेहरू

B.

सी. राजगोपालाचारी

C.

महात्मा गांधी

D.

एस. सी. बोस

Correct Answer: A

Detailed Solution

जवाहरलाल नेहरू ने भारत सरकार अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935) की आलोचना करते हुए इसे “एक ऐसी कार जिसमें ब्रेक तो हैं, लेकिन इंजन नहीं” कहा था। इस कथन का आशय था कि अधिनियम में शासन को नियंत्रित करने के अनेक प्रावधान थे, लेकिन भारतीयों को वास्तविक राजनीतिक सत्ता और पूर्ण उत्तरदायी शासन प्रदान नहीं किया गया था।

भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने अखिल भारतीय संघ (All-India Federation) की स्थापना का प्रस्ताव रखा तथा प्रांतों में द्वैध शासन (Dyarchy) समाप्त करके प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की व्यवस्था की। इसके अंतर्गत संघीय, प्रांतीय और समवर्ती सूचियों के माध्यम से विधायी शक्तियों का विभाजन किया गया। केंद्र में द्वैध शासन की व्यवस्था प्रस्तावित थी।

इस अधिनियम के अंतर्गत गवर्नर-जनरल और प्रांतीय गवर्नरों को विशेष विवेकाधीन शक्तियाँ प्राप्त थीं। रक्षा और विदेश मामलों जैसे महत्वपूर्ण विषय गवर्नर-जनरल के नियंत्रण में रखे गए थे। गवर्नर अपने विशेषाधिकारों का प्रयोग करके मंत्रियों के निर्णयों में हस्तक्षेप कर सकते थे। नेहरू की आलोचना का प्रमुख आधार इन्हीं प्रतिबंधों और वास्तविक स्वशासन के अभाव से संबंधित था।

अधिनियम का प्रांतीय स्वायत्तता संबंधी भाग 1 अप्रैल, 1937 से लागू हुआ, लेकिन प्रस्तावित अखिल भारतीय संघ अस्तित्व में नहीं आया, क्योंकि देशी रियासतें इसमें सम्मिलित नहीं हुईं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अधिनियम का विरोध किया, फिर भी 1937 के प्रांतीय चुनावों में भाग लिया। इस अधिनियम ने संवैधानिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन भारत को स्वतंत्रता अथवा पूर्ण उत्तरदायी केंद्रीय सरकार प्रदान नहीं की।

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