JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

GENERAL KNOWLEDGE · 2010

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किसने कहा था— “विदेशी वस्त्रों से निपटने का सर्वोत्तम तरीका उनका विनाश है”?

A.

रवीन्द्रनाथ टैगोर

B.

महात्मा गांधी

C.

चित्तरंजन दास

D.

सुभाष चन्द्र बोस

Correct Answer: B

Detailed Solution

सही उत्तर महात्मा गांधी है।

महात्मा गांधी ने स्वदेशी और विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार को असहयोग आंदोलन के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में स्थान दिया। उनका उद्देश्य केवल ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार करना नहीं था, बल्कि भारतीय चरखा, खादी, कताई और बुनाई को पुनर्जीवित करना भी था।

1921 में गांधीजी ने विदेशी कपड़े के बहिष्कार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लोगों से विदेशी वस्त्र न खरीदने, खादी पहनने और अपने पास मौजूद विदेशी कपड़े को नष्ट करने अथवा भारत से बाहर भेजने की बात कही थी। उन्होंने विदेशी कपड़े को भारतीय घरेलू कताई-बुनाई उद्योग के पतन से भी जोड़ा।

इसलिए विदेशी वस्त्रों की होली जलाना असहयोग-स्वदेशी कार्यक्रम का एक प्रतीकात्मक कार्य बना। इसका आर्थिक उद्देश्य विदेशी निर्मित कपड़े की मांग घटाना और स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करना था।

ध्यान देने योग्य है कि रवीन्द्रनाथ टैगोर और गांधीजी के बीच विदेशी वस्त्रों को जलाने जैसे कुछ तरीकों पर वैचारिक मतभेद भी थे, जबकि इस प्रश्न में दिया गया कथन गांधीजी से संबंधित है। गांधी से संबंधित अभिलेखों में टैगोर और विदेशी वस्त्रों को जलाने के प्रश्न का उल्लेख मिलता है।

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