Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है?
आल्हा — बुन्देलखण्ड
बिरहा — पूर्वांचल
चैती — रोहिलखण्ड
कजरी — अवध
Correct Answer: C
Detailed Solution
युग्म (a) सही सुमेलित है। आल्हा बुन्देलखण्ड की प्रसिद्ध वीरगाथात्मक लोकगायन शैली है, जिसमें आल्हा और ऊदल की वीरता तथा युद्धों का वर्णन मिलता है। इसका संबंध विशेष रूप से महोबा और चन्देल शासक परमर्दिदेव (परमाल) की परंपरा से है। आल्हाखण्ड की रचना का श्रेय परंपरागत रूप से कवि जगनिक को दिया जाता है। बुन्देलखण्ड में आल्हा गायन विशेष रूप से वर्षा ऋतु में प्रचलित है।
युग्म (b) सही सुमेलित है। बिरहा पूर्वांचल की प्रमुख लोकगायन शैली है, जिसका प्रचलन पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में है। इसका प्रमुख विषय विरह, प्रेम और सामाजिक जीवन है। बिरहा में प्रेमी-प्रेमिका के वियोग के अतिरिक्त सामाजिक घटनाओं तथा ऐतिहासिक प्रसंगों का भी वर्णन किया जाता है। वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में इसकी समृद्ध गायन परंपरा मिलती है।
युग्म (c) सही सुमेलित नहीं है। चैती (Chaiti) चैत्र महीने में गाई जाने वाली ऋतु-आधारित लोकगायन शैली है, जिसका प्रमुख संबंध पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी भाषी क्षेत्रों से है, न कि रोहिलखण्ड से। चैती गीतों में वसंत ऋतु, प्रेम, विरह और ग्रामीण जीवन की भावनाएँ व्यक्त होती हैं। बनारस घराने की उपशास्त्रीय गायन परंपरा में भी चैती का महत्वपूर्ण स्थान है। रोहिलखण्ड उत्तर प्रदेश का उत्तर-पश्चिमी सांस्कृतिक क्षेत्र है।
युग्म (d) क्षेत्रीय विस्तार की दृष्टि से स्वीकार्य है। कजरी (Kajri) वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन में गाई जाने वाली लोकगायन शैली है। इसका प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र मिर्जापुर और वाराणसी का क्षेत्र है, लेकिन कजरी का गायन अवध सहित अन्य क्षेत्रों में भी प्रचलित है। इसके गीतों में वर्षा, हरियाली, प्रेम और विरह की अभिव्यक्ति होती है।