JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

SCIENCE · 2024

Previous Year Question

“लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन मिशन” (लूपेक्स) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

  1. यह भारत-जापान के बीच संयुक्त चन्द्र मिशन के लिए साझेदारी है, जो भविष्य में लाँच किया जाएगा।

  1. JAXA मिशन के लिए लैंडर विकसित करने के लिए जिम्मेदार है, जबकि ISRO रोवर और लाँच वाहन को संभाल रहा है।

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 2

B.

न तो 1 न ही 2

C.

केवल 1

D.

1 और 2 दोनों

Correct Answer: C

Detailed Solution

लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन मिशन (Lunar Polar Exploration Mission – LUPEX) भारत के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान के जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का संयुक्त चंद्र अन्वेषण मिशन है। इसका प्रमुख उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में जल-बर्फ (Water Ice) की उपस्थिति, मात्रा, वितरण तथा भौतिक अवस्थाओं का अध्ययन करना है।

कथन 1 सही है। LUPEX भारत और जापान के बीच संयुक्त चंद्र मिशन है। वर्ष 2024 में यह एक प्रस्तावित भविष्य का मिशन था। इसका उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरकर वहाँ मौजूद जल-बर्फ तथा अन्य वाष्पशील पदार्थों (Volatiles) का वैज्ञानिक अध्ययन करना है। चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में स्थित स्थायी छायायुक्त क्रेटरों (Permanently Shadowed Craters) में अत्यंत कम तापमान के कारण जल-बर्फ लंबे समय तक संरक्षित रह सकती है।

कथन 2 गलत है। LUPEX मिशन में ISRO और JAXA की जिम्मेदारियाँ कथन में दिए गए क्रम के विपरीत हैं। ISRO लैंडर (Lander) के विकास एवं संचालन के लिए जिम्मेदार है, जबकि JAXA रोवर (Rover) तथा H3 प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) के विकास एवं संचालन की जिम्मेदारी संभालता है। इस कार्य-विभाजन की पुष्टि JAXA के आधिकारिक मिशन विवरण में की गई है।

मिशन में दोनों अंतरिक्ष एजेंसियों की जिम्मेदारियाँ:

अंतरिक्ष एजेंसी

प्रमुख जिम्मेदारी

ISRO — भारत

लैंडर का विकास एवं संचालन

JAXA — जापान

रोवर तथा H3 प्रक्षेपण यान का विकास एवं संचालन

LUPEX में उपयोग होने वाला रोवर (Rover) चंद्रमा की सतह पर चलकर विभिन्न स्थानों से वैज्ञानिक जानकारी एकत्र करेगा। इसमें चंद्रमा की मिट्टी (Lunar Regolith) के नमूने प्राप्त करने के लिए ड्रिलिंग उपकरण तथा जल-बर्फ का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक उपकरण लगाए जाने की योजना है।

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में जल-बर्फ की खोज वैज्ञानिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। इससे चंद्रमा पर जल के स्रोतों, उनके वितरण तथा भूवैज्ञानिक इतिहास को समझने में सहायता मिल सकती है। भविष्य के मानव चंद्र अभियानों में उपलब्ध जल का उपयोग पेयजल, ऑक्सीजन तथा रॉकेट प्रणोदक (Rocket Propellant) के उत्पादन में भी किया जा सकता है।

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