Previous Year Question
शनि ग्रह के वायुमण्डल में निम्नलिखित में से कौन-सी गैस सबसे अधिक मात्रा में पाई जाती है ?
नाइट्रोजन
कार्बन मोनोआक्साइड
मीथेन
सल्फर डाईआक्साइड
Correct Answer: C
Detailed Solution
शनि ग्रह (Saturn) के वायुमंडल में दिए गए विकल्पों में मीथेन (Methane – CH₄) गैस सर्वाधिक मात्रा में पाई जाती है। हालाँकि शनि के वायुमंडल की प्रमुख गैसें हाइड्रोजन (Hydrogen) और हीलियम (Helium) हैं। शनि एक गैसीय विशाल ग्रह (Gas Giant Planet) है, जिसके वायुमंडल में मीथेन, अमोनिया तथा अन्य गैसें अपेक्षाकृत कम मात्रा में उपस्थित हैं।
NASA के अनुसार शनि के वायुमंडल की संरचना:
गैस | अनुमानित आयतन प्रतिशत |
हाइड्रोजन (H₂) | 96.3% |
हीलियम (He) | 3.25% |
मीथेन (CH₄) | लगभग 0.45% |
ये मान NASA के Saturn Fact Sheet में दिए गए वायुमंडलीय संरचना के अनुमानों पर आधारित हैं। मीथेन की मात्रा लगभग 4,500 ppm (Parts Per Million) है।
विकल्प (a): नाइट्रोजन (Nitrogen – N₂) शनि के वायुमंडल का प्रमुख घटक नहीं है। हालाँकि शनि के सबसे बड़े उपग्रह टाइटन (Titan) के वायुमंडल में लगभग 95% नाइट्रोजन पाई जाती है। शनि ग्रह और उसके उपग्रह टाइटन की वायुमंडलीय संरचना अलग-अलग है।
विकल्प (b): कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide – CO) शनि के वायुमंडल में अत्यंत अल्प मात्रा में उपस्थित है। इसकी मात्रा मीथेन की तुलना में बहुत कम है।
विकल्प (c): मीथेन (Methane – CH₄) शनि के वायुमंडल में उपस्थित एक प्रमुख अल्पमात्रिक गैस (Trace Gas) है। यह कार्बन और हाइड्रोजन से बना एक सरल हाइड्रोकार्बन है। शनि के वायुमंडल में मीथेन का अध्ययन ग्रह की रासायनिक संरचना तथा वायुमंडलीय प्रक्रियाओं को समझने में उपयोगी है।
विकल्प (d): सल्फर डाइऑक्साइड (Sulfur Dioxide – SO₂) शनि के वायुमंडल की प्रमुख गैस नहीं है। इसके विपरीत, बृहस्पति के उपग्रह आयो (Io) पर सक्रिय ज्वालामुखियों से सल्फर डाइऑक्साइड निकलती है, जो उसके विरल वायुमंडल का प्रमुख घटक है।
शनि सूर्य से छठा ग्रह तथा बृहस्पति के बाद सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इसके वायुमंडल में हाइड्रोजन और हीलियम की प्रधानता इसे पृथ्वी जैसे स्थलीय ग्रहों से अलग बनाती है।