Previous Year Question
अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर किसी ‘नासा’ के अन्तरिक्ष यात्री द्वारा सर्वाधिक लम्बी अन्तरिक्ष यात्रा का रिकार्ड किसका है ?
मार्क वेण्ड हे
यॉटर डुब्रोव
एन्टन शैप्लेरोव
उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: A
Detailed Solution
मार्क वेण्ड हे (Mark Vande Hei) अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA (National Aeronautics and Space Administration) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station – ISS) पर अपने मिशन के दौरान लगातार 355 दिन अंतरिक्ष में रहकर वर्ष 2022 में किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा एक ही अंतरिक्ष उड़ान में सबसे अधिक समय बिताने का रिकॉर्ड बनाया था।
मार्क वेण्ड हे ने 9 अप्रैल, 2021 को रूस के Soyuz MS-18 अंतरिक्ष यान से अपनी यात्रा शुरू की और 30 मार्च, 2022 को Soyuz MS-19 अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौटे। उन्होंने कजाकिस्तान में रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र डुब्रोव (Pyotr Dubrov) और एंटन श्काप्लेरोव (Anton Shkaplerov) के साथ लैंडिंग की।
मार्क वेण्ड हे के अंतरिक्ष मिशन से संबंधित प्रमुख तथ्य:
विवरण | तथ्य |
अंतरिक्ष यात्री | मार्क वेण्ड हे |
अंतरिक्ष एजेंसी | NASA, अमेरिका |
प्रक्षेपण | 9 अप्रैल, 2021 |
पृथ्वी पर वापसी | 30 मार्च, 2022 |
एकल मिशन की अवधि | 355 दिन |
पिछले अमेरिकी रिकॉर्डधारक | स्कॉट केली — 340 दिन |
पृथ्वी की लगभग परिक्रमाएँ | 5,680 |
मार्क वेण्ड हे ने स्कॉट केली (Scott Kelly) के 340 दिनों के पिछले अमेरिकी रिकॉर्ड को 15 दिनों से पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अपने अंतरिक्ष मिशन के दौरान लगभग 5,680 बार पृथ्वी की परिक्रमा की और 15 करोड़ मील से अधिक दूरी तय की।
प्योत्र डुब्रोव (Pyotr Dubrov) रूसी अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos के अंतरिक्ष यात्री थे। उन्होंने भी मार्क वेण्ड हे के साथ 355 दिन अंतरिक्ष में बिताए, लेकिन प्रश्न विशेष रूप से NASA के अंतरिक्ष यात्री के रिकॉर्ड से संबंधित है।
एंटन श्काप्लेरोव (Anton Shkaplerov) भी Roscosmos के अंतरिक्ष यात्री थे। वे 5 अक्टूबर, 2021 को ISS पहुँचे और 30 मार्च, 2022 को पृथ्वी पर लौटे। उनका यह मिशन लगभग 176 दिनों का था।
लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों में मानव शरीर पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) के प्रभावों, मांसपेशियों एवं अस्थियों में परिवर्तन, विकिरण तथा अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य का अध्ययन किया जाता है। ऐसे अनुसंधान चंद्रमा और मंगल ग्रह के भविष्य के मानव मिशनों की तैयारी में महत्त्वपूर्ण हैं।