Previous Year Question
गरीबी से संबंधित निम्नलिखित समितियों पर विचार कीजिए तथा इनके गठन को सही कालक्रमानुसार क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
लकड़ावाला समिति
रंगराजन समिति
तेंदुलकर समिति
दांडेकर और रथ समिति
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
4, 1, 2, 3
1, 4, 3, 2
1, 4, 2, 3
4, 1, 3, 2
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारत में निर्धनता (Poverty) के मापन की पद्धतियों को विकसित और संशोधित करने में विभिन्न अर्थशास्त्रियों तथा विशेषज्ञ समितियों का योगदान रहा है। दिए गए अध्ययनों और समितियों का सही कालक्रम दांडेकर एवं रथ (1971) → लकड़ावाला समिति (1989) → तेंदुलकर समिति (2005) → रंगराजन समिति (2012) है।
1. दांडेकर एवं रथ (1971): अर्थशास्त्री वी. एम. दांडेकर (V. M. Dandekar) तथा नीलकंठ रथ (Nilakantha Rath) ने वर्ष 1971 में Poverty in India नामक अध्ययन प्रकाशित किया। इसमें राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 1960–61 के उपभोग व्यय आँकड़ों का उपयोग करके निर्धनता का आकलन किया गया था। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 2,250 कैलोरी की पोषण आवश्यकता को निर्धनता रेखा निर्धारित करने का आधार माना। यह एक स्वतंत्र शोध अध्ययन था, औपचारिक रूप से गठित सरकारी समिति नहीं।
2. लकड़ावाला समिति (1989): योजना आयोग ने सितंबर 1989 में डी. टी. लकड़ावाला (D. T. Lakdawala) की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समूह का गठन किया। इसने जुलाई 1993 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने राज्य-विशिष्ट निर्धनता रेखाओं (State-Specific Poverty Lines) तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मूल्य सूचकांकों के आधार पर निर्धनता रेखाओं को अद्यतन करने की पद्धति की सिफारिश की।
3. तेंदुलकर समिति (2005): योजना आयोग ने दिसंबर 2005 में सुरेश डी. तेंदुलकर (Suresh D. Tendulkar) की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समूह का गठन किया, जिसने दिसंबर 2009 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने निर्धनता मापन में केवल कैलोरी आधारित मानदंड पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू उपभोग व्यय (Household Consumption Expenditure) तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे आवश्यक व्ययों को ध्यान में रखने पर बल दिया।
4. रंगराजन समिति (2012): योजना आयोग ने वर्ष 2012 में सी. रंगराजन (C. Rangarajan) की अध्यक्षता में निर्धनता मापन पद्धति की पुनर्समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समूह गठित किया। इसने जून 2014 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने भोजन संबंधी पोषण आवश्यकताओं के साथ गैर-खाद्य आवश्यकताओं पर व्यय को शामिल करके संशोधित निर्धनता रेखाओं की सिफारिश की।
प्रमुख अध्ययन एवं समितियों का कालक्रम:
अध्ययन/समिति | गठन/अध्ययन का वर्ष | रिपोर्ट का वर्ष |
दांडेकर एवं रथ | स्वतंत्र अध्ययन | 1971 |
लकड़ावाला समिति | 1989 | 1993 |
तेंदुलकर समिति | 2005 | 2009 |
रंगराजन समिति | 2012 | 2014 |
इनके अतिरिक्त वाई. के. अलघ (Y. K. Alagh) की अध्यक्षता वाले कार्यदल ने 1979 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2,400 कैलोरी तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 2,100 कैलोरी प्रतिदिन की पोषण आवश्यकताओं के आधार पर निर्धनता रेखा का आकलन किया था।