Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : निर्धनता रेखा समय और देशों के अनुरूप भिन्न होती है।
कारण (R) : लोगों की मूलभूत आवश्यकताएँ क्षेत्रों और समय के अनुसार भिन्न होती है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है।
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है।
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
Correct Answer: D
Detailed Solution
अभिकथन (A) सही है। निर्धनता रेखा (Poverty Line) वह न्यूनतम आय अथवा उपभोग व्यय स्तर है, जिसके नीचे रहने वाले व्यक्तियों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार निर्धन माना जाता है। निर्धनता रेखा अलग-अलग देशों, क्षेत्रों तथा समयावधियों में भिन्न हो सकती है, क्योंकि जीवन-यापन की लागत, वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतें, उपभोग की आवश्यकताएँ तथा सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ समान नहीं होती हैं।
कारण (R) सही है। लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की प्रकृति तथा उन्हें पूरा करने की लागत क्षेत्र और समय के अनुसार बदल सकती है। उदाहरण के लिए, ठंडे क्षेत्रों में गर्म कपड़ों और आवास को गर्म रखने की आवश्यकता अधिक हो सकती है, जबकि गर्म क्षेत्रों में शीतलन और पेयजल की आवश्यकताएँ अधिक महत्त्वपूर्ण हो सकती हैं। इसी प्रकार शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन तथा आवास पर आवश्यक व्यय समय के साथ बदल सकता है।
कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। निर्धनता रेखा निर्धारित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता और उनकी लागत का आकलन किया जाता है। जब इन आवश्यकताओं, कीमतों और जीवन-यापन की परिस्थितियों में परिवर्तन होता है, तो निर्धनता रेखा का मौद्रिक मूल्य भी अलग हो सकता है।
भारत में निर्धनता रेखा के ऐतिहासिक आकलन में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग उपभोग व्यय सीमाएँ निर्धारित की जाती थीं। तेन्दुलकर पद्धति (Tendulkar Methodology) के अनुसार वर्ष 2011–12 में राष्ट्रीय स्तर पर मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय आधारित निर्धनता रेखा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹816 तथा शहरी क्षेत्रों के लिए ₹1,000 थी। ये उस समय के अनुमान थे, वर्तमान निर्धनता रेखाएँ नहीं।
अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए विश्व बैंक (World Bank) क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity – PPP) आधारित अंतरराष्ट्रीय निर्धनता रेखाओं का उपयोग करता है। PPP विभिन्न देशों में कीमतों और क्रय शक्ति के अंतर को ध्यान में रखकर आर्थिक मूल्यों की तुलना करने में सहायता करता है।
निर्धनता की मूल अवधारणा न्यूनतम स्वीकार्य जीवन स्तर से संबंधित है, लेकिन उस जीवन स्तर को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधनों की मात्रा और मौद्रिक लागत स्थान तथा समय के अनुसार भिन्न हो सकती है।