Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौनसा/से निर्धनता का/के प्रकार है/हैं?
पूर्ण (परम) निर्धनता
सापेक्ष निर्धनता
व्यक्तिपरक निर्धनता
प्रकार्यात्मक निर्धनता
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर को चुनिए—
केवल 3 एवं 4
केवल 1, 2 एवं 3
केवल 1 और 2
केवल 1 एवं 4
Correct Answer: B
Detailed Solution
निर्धनता (Poverty) का अर्थ केवल आय की कमी नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकताओं, संसाधनों तथा अवसरों तक अपर्याप्त पहुँच से भी है। आर्थिक एवं सामाजिक अध्ययन में निर्धनता को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है। इनमें पूर्ण निर्धनता (Absolute Poverty), सापेक्ष निर्धनता (Relative Poverty) तथा व्यक्तिपरक निर्धनता (Subjective Poverty) प्रमुख अवधारणाएँ हैं।
कथन 1 सही है। पूर्ण या परम निर्धनता (Absolute Poverty) वह स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति या परिवार के पास भोजन, वस्त्र, आवास तथा अन्य बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होते। इसका मापन न्यूनतम आवश्यक जीवन स्तर पर आधारित निर्धनता रेखा (Poverty Line) के माध्यम से किया जाता है। विश्व बैंक द्वारा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय निर्धनता रेखाएँ पूर्ण निर्धनता के मापन का उदाहरण हैं।
कथन 2 सही है। सापेक्ष निर्धनता (Relative Poverty) किसी व्यक्ति या समूह की आर्थिक स्थिति का आकलन समाज के अन्य व्यक्तियों या समूहों के जीवन स्तर की तुलना में करती है। इसमें आय, उपभोग तथा संसाधनों के वितरण में असमानताओं को महत्त्व दिया जाता है। उदाहरण के लिए, किसी देश की माध्यिका आय (Median Income) के एक निश्चित प्रतिशत से कम आय वाले व्यक्तियों को सापेक्ष निर्धन माना जा सकता है।
कथन 3 सही है। व्यक्तिपरक निर्धनता (Subjective Poverty) किसी व्यक्ति या परिवार द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति तथा आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमता के स्वयं किए गए आकलन पर आधारित होती है। इसमें व्यक्तियों से उनकी आय की पर्याप्तता, वित्तीय कठिनाइयों तथा न्यूनतम स्वीकार्य जीवन स्तर के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाती है। यह आकलन केवल वस्तुनिष्ठ आय या उपभोग व्यय के आँकड़ों पर निर्भर नहीं होता।
कथन 4 गलत है। प्रकार्यात्मक निर्धनता (Functional Poverty) इस प्रश्न में प्रयुक्त निर्धनता के मानक वर्गीकरण का हिस्सा नहीं है। अर्थशास्त्र तथा सामाजिक विज्ञान में पूर्ण, सापेक्ष और व्यक्तिपरक निर्धनता स्थापित अवधारणाएँ हैं। निर्धनता के कारणों या उसके सामाजिक कार्यों का प्रकार्यात्मक दृष्टिकोण (Functional Approach) से अध्ययन किया जा सकता है, लेकिन इससे प्रकार्यात्मक निर्धनता एक स्वतंत्र मानक प्रकार नहीं बन जाती।
निर्धनता के मापन में वस्तुनिष्ठ (Objective) तथा व्यक्तिपरक (Subjective) दृष्टिकोणों के बीच भी अंतर किया जाता है। वस्तुनिष्ठ आकलन में आय, उपभोग, संसाधन और जीवन स्तर से संबंधित संकेतकों का उपयोग होता है, जबकि व्यक्तिपरक आकलन में लोगों द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में दिए गए उत्तरों को महत्त्व दिया जाता है।