JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ECONOMY · 2022

Previous Year Question

एल.बी.एस. एक वित्तीय समावेशन के लिये भारत सरकार द्वारा उठाये गये आर्थिक उपायों में से एक है। इस परिप्रेक्ष्य में एल.बी.एस. क्या है?

A.

ऋण बैंकिंग योजना

B.

अग्रणी बैंकिंग योजना

C.

ऋण बैंकिंग प्रणाली

D.

अग्रणी विभक्त प्रणाली

Correct Answer: B

Detailed Solution

एल.बी.एस. (LBS) का पूरा नाम अग्रणी बैंक योजना (Lead Bank Scheme) है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) द्वारा दिसंबर 1969 में प्रारंभ किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार, संस्थागत ऋण की उपलब्धता तथा वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देना था।

इस योजना की शुरुआत डी. आर. गाडगिल अध्ययन समूह (Gadgil Study Group, 1969) तथा एफ. के. एफ. नरीमन समिति (Nariman Committee, 1969) की सिफारिशों के आधार पर हुई थी। गाडगिल अध्ययन समूह ने ग्रामीण क्षेत्रों में वाणिज्यिक बैंकों की अपर्याप्त उपस्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय दृष्टिकोण (Area Approach) अपनाने की सिफारिश की थी। नरीमन समिति ने इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए विशिष्ट क्षेत्रों में बैंकों को विकास संबंधी जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया था।

अग्रणी बैंक योजना के अंतर्गत प्रत्येक आवंटित जिले में किसी एक बैंक को अग्रणी बैंक (Lead Bank) की जिम्मेदारी दी जाती है। यह बैंक जिले में कार्यरत अन्य बैंकों, वित्तीय संस्थानों तथा सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और ऋण वितरण की योजना तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।

अग्रणी बैंक योजना के प्रमुख कार्य हैं:

  1. बैंकिंग सेवाओं का विस्तार: ग्रामीण तथा बैंकिंग सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़ाना।

  1. ऋण नियोजन (Credit Planning): कृषि, लघु उद्योगों तथा अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों की ऋण आवश्यकताओं का आकलन करना।

  1. वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): वंचित परिवारों, छोटे किसानों तथा सूक्ष्म उद्यमियों की औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना।

  1. संस्थागत समन्वय: बैंकों, सरकारी विभागों तथा विकास संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना।

जिला स्तर पर जिला परामर्शदात्री समिति (District Consultative Committee – DCC) इस योजना के अंतर्गत समन्वय का प्रमुख मंच है। इसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करता है, जबकि अग्रणी जिला प्रबंधक (Lead District Manager – LDM) इसकी बैठकों का आयोजन करता है।

वर्ष 2009 में भारतीय रिजर्व बैंक ने ऊषा थोराट समिति (Usha Thorat Committee) के माध्यम से अग्रणी बैंक योजना की समीक्षा कराई थी। समिति ने वित्तीय समावेशन, ग्रामीण ऋण प्रवाह तथा बैंकों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया था।

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