Previous Year Question
निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार कीजिए और नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कथन (A): आर्थिक विकास के लिए एक बहुआयामी उपागम की आवश्यकता होती है।
कारण (R) : वर्तमान भारत सरकार मुख्यतः सूक्ष्म आर्थिक विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कूट :
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
(A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन (A) सही है। आर्थिक विकास (Economic Development) एक बहुआयामी प्रक्रिया (Multidimensional Process) है, जिसमें केवल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) या राष्ट्रीय आय में वृद्धि ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जीवन स्तर, गरीबी, असमानता तथा सामाजिक एवं आर्थिक अवसरों में सुधार भी शामिल होता है।
आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) मुख्यतः अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं के वास्तविक उत्पादन में वृद्धि को दर्शाती है, जबकि आर्थिक विकास में उत्पादन के साथ जीवन की गुणवत्ता तथा आर्थिक और सामाजिक संरचना में होने वाले परिवर्तन भी शामिल होते हैं।
आर्थिक विकास के आकलन में मानव विकास सूचकांक (Human Development Index – HDI) महत्त्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रकाशित HDI में स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर के तीन प्रमुख आयाम शामिल हैं। इनका मापन क्रमशः जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, स्कूली शिक्षा के वर्षों तथा प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per capita) के आधार पर किया जाता है।
कारण (R) गलत है। वर्ष 2015 के संदर्भ में भारत सरकार की आर्थिक नीतियाँ मुख्यतः सूक्ष्म अर्थशास्त्रीय (Microeconomic) विषयों तक सीमित नहीं थीं। इनमें व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability), मुद्रास्फीति नियंत्रण, राजकोषीय घाटा, निवेश, आर्थिक वृद्धि तथा संरचनात्मक सुधार भी शामिल थे।
आर्थिक समीक्षा 2014–15 में मुद्रास्फीति, चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit), राजकोषीय स्थिति तथा आर्थिक वृद्धि जैसे व्यापक आर्थिक संकेतकों को विशेष महत्त्व दिया गया था। इसके साथ विनिर्माण, कौशल विकास, बुनियादी ढाँचे तथा सामाजिक क्षेत्र से संबंधित सुधारों पर भी ध्यान दिया गया था।
सूक्ष्म अर्थशास्त्र (Microeconomics) व्यक्तिगत उपभोक्ताओं, फर्मों, विशिष्ट बाजारों तथा कीमतों के निर्धारण का अध्ययन करता है, जबकि समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics) राष्ट्रीय आय, समग्र रोजगार, मुद्रास्फीति, आर्थिक वृद्धि तथा अर्थव्यवस्था के समग्र प्रदर्शन का अध्ययन करता है।