Previous Year Question
योजना आयोग के अनुमानों के अनुसार वर्ष 2011-12 में निर्धनता रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले गरीब लोगों की सबसे अधिक संख्या किस राज्य में थी?
मध्य प्रदेश में
बिहार में
उत्तर प्रदेश में
महाराष्ट्र में
Correct Answer: C
Detailed Solution
योजना आयोग (Planning Commission) द्वारा वर्ष 2011–12 के लिए जारी निर्धनता अनुमानों के अनुसार, भारत में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले व्यक्तियों की सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश में लगभग 5.98 करोड़ (598.19 लाख) थी। ये अनुमान तेन्दुलकर पद्धति (Tendulkar Methodology) तथा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (NSSO) के 68वें दौर के घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण पर आधारित थे।
वर्ष 2011–12 में दिए गए राज्यों की निर्धनता की स्थिति:
राज्य | गरीब व्यक्तियों की संख्या | गरीबी अनुपात |
मध्य प्रदेश | 234.06 लाख | 31.65% |
बिहार | 358.15 लाख | 33.74% |
उत्तर प्रदेश | 598.19 लाख | 29.43% |
महाराष्ट्र | 197.92 लाख | 17.35% |
इन आँकड़ों में गरीब व्यक्तियों की कुल संख्या (Absolute Number of Poor) तथा गरीबी अनुपात (Poverty Ratio) के बीच अंतर महत्त्वपूर्ण है। गरीबी अनुपात किसी राज्य की कुल जनसंख्या में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों का प्रतिशत दर्शाता है, जबकि गरीब व्यक्तियों की संख्या वास्तविक जनसंख्या को व्यक्त करती है।
वर्ष 2011–12 में बिहार का गरीबी अनुपात 33.74% तथा मध्य प्रदेश का 31.65% था, जो उत्तर प्रदेश के 29.43% से अधिक था। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या अधिक होने के कारण वहाँ गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों की संख्या सबसे अधिक थी।
तेन्दुलकर पद्धति के अनुसार वर्ष 2011–12 में भारत का समग्र गरीबी अनुपात 21.9% था। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 25.7% तथा शहरी क्षेत्रों में 13.7% था। देश में कुल लगभग 26.98 करोड़ व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे थे।
योजना आयोग ने ये अनुमान जुलाई 2013 में प्रकाशित किए थे। गरीबी रेखा का निर्धारण घरेलू उपभोग व्यय (Household Consumption Expenditure) और राज्यों के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मूल्य स्तर के अंतर को ध्यान में रखकर किया गया था।