Previous Year Question
निम्न में से कौन भारत में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर निर्धनता के अनुमानों के लिए केंद्रक अभिकरण (नोडल एजेंसी) है?
वित्त आयोग
ग्रामीण मंत्रालय
गृह मंत्रालय
योजना आयोग
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारत में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर निर्धनता के अनुमान तैयार करने के लिए योजना आयोग (Planning Commission) केंद्रक अभिकरण (Nodal Agency) था। इसकी स्थापना 15 मार्च, 1950 को भारत सरकार के एक कार्यकारी प्रस्ताव (Executive Resolution) द्वारा की गई थी। यह एक गैर-संवैधानिक एवं गैर-सांविधिक संस्था थी।
योजना आयोग का प्रमुख कार्य पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का आकलन, विकास संबंधी प्राथमिकताओं का निर्धारण तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर गरीबी के अनुमान तैयार करना था।
गरीबी के आकलन के लिए योजना आयोग, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (National Sample Survey Organisation – NSSO) द्वारा एकत्र किए गए घरेलू उपभोग व्यय (Household Consumption Expenditure) के आँकड़ों का उपयोग करता था। इन आँकड़ों के आधार पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए गरीबी रेखा (Poverty Line) तथा गरीबी अनुपात (Poverty Ratio) निर्धारित किए जाते थे।
भारत में गरीबी मापन की पद्धति की समीक्षा के लिए विभिन्न विशेषज्ञ समितियाँ गठित की गईं। इनमें डी. टी. लकड़ावाला समिति (1993), सुरेश डी. तेन्दुलकर समिति (2009) तथा सी. रंगराजन समिति (2014) प्रमुख थीं। इन समितियों ने गरीबी रेखा के निर्धारण में उपभोग व्यय, मूल्य स्तर तथा आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर होने वाले खर्च जैसे पहलुओं का अध्ययन किया।
तेन्दुलकर पद्धति के अनुसार वर्ष 2011–12 में भारत का गरीबी अनुपात:
क्षेत्र | गरीबी अनुपात |
ग्रामीण भारत | 25.7% |
शहरी भारत | 13.7% |
समग्र भारत | 21.9% |
ये आँकड़े योजना आयोग द्वारा जुलाई 2013 में जारी किए गए थे और NSSO के 68वें दौर (2011–12) के घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण पर आधारित थे।
ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की पहचान के लिए BPL Census कराता था। यह कार्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर गरीबी अनुपात का आधिकारिक अनुमान तैयार करने से अलग था।
1 जनवरी, 2015 को योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई। इसलिए वर्ष 2014 के संदर्भ में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर निर्धनता के अनुमानों की नोडल एजेंसी योजना आयोग थी।