Previous Year Question
तेन्दुलकर समिति ने भारत में गरीबी रेखा के नीचे की जनसंख्या का प्रतिशत कितना आकलित किया है ?
27.2
37.2
22.2
32.7
Correct Answer: B
Detailed Solution
तेन्दुलकर समिति (Tendulkar Committee) ने वर्ष 2004–05 के लिए भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात 37.2% अनुमानित किया था। समिति का गठन दिसंबर 2005 में योजना आयोग (Planning Commission) द्वारा अर्थशास्त्री प्रो. सुरेश डी. तेन्दुलकर की अध्यक्षता में किया गया था। समिति ने दिसंबर 2009 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समिति का प्रमुख उद्देश्य भारत में गरीबी मापन की प्रचलित पद्धति की समीक्षा करना तथा गरीबी रेखा (Poverty Line) के निर्धारण के लिए अधिक उपयुक्त आधार विकसित करना था।
तेन्दुलकर समिति ने गरीबी आकलन में केवल कैलोरी उपभोग (Calorie Intake) पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू उपभोग व्यय (Household Consumption Expenditure) को आधार बनाया। गरीबी रेखा की उपयुक्तता जाँचने में भोजन के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा पर होने वाले निजी व्यय को भी महत्त्व दिया गया।
तेन्दुलकर समिति के अनुसार वर्ष 2004–05 में गरीबी अनुपात:
क्षेत्र | गरीबी अनुपात |
ग्रामीण भारत | 41.8% |
शहरी भारत | 25.7% |
समग्र भारत | 37.2% |
इन अनुमानों में Mixed Reference Period (MRP) आधारित उपभोग व्यय पद्धति का उपयोग किया गया था। समिति ने ग्रामीण और शहरी गरीबी रेखाओं के निर्धारण में मूल्य स्तर तथा उपभोग व्यय के अंतर को भी ध्यान में रखा।
पूर्ववर्ती लकड़ावाला पद्धति (Lakdawala Methodology) के अनुसार 2004–05 में भारत का गरीबी अनुपात 27.5% था, जबकि तेन्दुलकर पद्धति के अनुसार इसी वर्ष का पुनर्मूल्यांकित गरीबी अनुपात 37.2% था। दोनों अनुमानों में अंतर मुख्यतः गरीबी रेखा निर्धारित करने की पद्धति में बदलाव के कारण था।
बाद में तेन्दुलकर पद्धति के आधार पर योजना आयोग ने वर्ष 2009–10 के लिए गरीबी अनुपात 29.8% अनुमानित किया, जिसके आँकड़े मार्च 2012 में जारी किए गए।