JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ECONOMY · 2011

Previous Year Question

अदृश्य निर्यात का अर्थ है निर्यात—

A.

सेवाओं का

B.

प्रतिबंधित वस्तुओं का

C.

अलिखित वस्तुओं का

D.

तस्करी द्वारा वस्तुओं का

Correct Answer: A

Detailed Solution

अदृश्य निर्यात (Invisible Exports) का अर्थ एक देश द्वारा दूसरे देश के निवासियों को सेवाएँ प्रदान करके विदेशी मुद्रा अर्जित करना है। इसमें वस्तुओं का भौतिक निर्यात नहीं होता, बल्कि सेवाओं के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से आय प्राप्त होती है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मुख्यतः दो श्रेणियों में समझा जाता है—

  • दृश्य व्यापार (Visible Trade): इसमें कपड़ा, मशीनरी, दवाइयाँ, कृषि उत्पाद तथा पेट्रोलियम उत्पाद जैसी भौतिक वस्तुओं का आयात और निर्यात शामिल होता है।

  • अदृश्य व्यापार (Invisible Trade): इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), पर्यटन, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, परामर्श तथा अन्य सेवाओं से संबंधित अंतरराष्ट्रीय लेनदेन शामिल होते हैं।

भारत के अदृश्य निर्यात में IT और IT-enabled Services (ITeS) का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। जब कोई भारतीय IT कंपनी किसी विदेशी ग्राहक को Software Development, Technical Support या अन्य डिजिटल सेवाएँ प्रदान करती है, तो उससे प्राप्त आय सेवा निर्यात (Services Export) कहलाती है।

अदृश्य निर्यात का संबंध भुगतान संतुलन (Balance of Payments – BoP) के चालू खाते (Current Account) से है। सेवाओं का निर्यात चालू खाते में Credit Entry के रूप में दर्ज किया जाता है, जबकि सेवाओं का आयात Debit Entry के रूप में दर्ज होता है।

व्यापक BoP वर्गीकरण में Invisibles के अंतर्गत केवल सेवाएँ ही नहीं, बल्कि Primary Income और Secondary Income से संबंधित प्राप्तियाँ तथा भुगतान भी शामिल होते हैं। इनमें ब्याज, लाभांश और व्यक्तिगत धन-प्रेषण (Personal Remittances) जैसे लेनदेन आते हैं। हालाँकि Invisible Exports शब्द का प्रयोग मुख्यतः सेवाओं के निर्यात के लिए किया जाता है।

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