Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और बताइए कि कौन-सा/से सही है/हैं?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जो सब-प्राइम संकट आया, वह तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि के कारण हुआ।
इस संकट के कारण गृह ऋण चुकौती में चूक हुई।
इसके कारण कुछ यू.एस. बैंक विफल हो गए।
भारतीय शेयर बाजार में सब-प्राइम संकट के कारण दुर्घटना हुई।
दिए गए कूट में से अपना उत्तर चुनिए :
केवल 1
केवल 2 और 4
केवल 2, 3 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सब-प्राइम संकट (Subprime Mortgage Crisis) का प्रमुख कारण तेल की कीमतों में वृद्धि नहीं, बल्कि उच्च जोखिम वाले उधारकर्ताओं को बड़े पैमाने पर गृह ऋण देना, कमजोर ऋण मानक तथा आवासीय संपत्तियों की कीमतों में गिरावट थी। Subprime Mortgage ऐसे उधारकर्ताओं को दिया जाने वाला गृह ऋण है जिनकी ऋण चुकाने की क्षमता या Credit History अपेक्षाकृत कमजोर होती है। वर्ष 2006 के आसपास अमेरिकी आवास बाजार में गिरावट शुरू होने के बाद यह संकट 2007–08 में गंभीर हो गया।
कथन 2 सही है। आवासीय संपत्तियों की कीमतें गिरने और कई उधारकर्ताओं की ऋण चुकाने की क्षमता कमजोर होने से गृह ऋण की किस्तों के भुगतान में चूक (Mortgage Default) बढ़ गई। अनेक ऋणों को Mortgage-Backed Securities (MBS) के रूप में वित्तीय बाजार में बेचा गया था। ऋण चुकौती में बढ़ती चूक के कारण इन प्रतिभूतियों का मूल्य गिरा और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।
कथन 3 सही है। सब-प्राइम संकट के कारण अनेक अमेरिकी वित्तीय संस्थानों को गंभीर वित्तीय नुकसान हुआ और कुछ बैंक विफल हो गए। प्रमुख अमेरिकी Investment Bank Lehman Brothers ने 15 सितंबर, 2008 को दिवालियापन संरक्षण के लिए आवेदन किया। इसी अवधि में Bear Stearns को सरकारी सहायता से JPMorgan Chase ने अधिग्रहित किया, जबकि Fannie Mae और Freddie Mac को सरकारी संरक्षण में लेना पड़ा। इन घटनाओं ने वैश्विक वित्तीय संकट (Global Financial Crisis) को और गंभीर बना दिया।
कथन 4 सही है। अमेरिकी वित्तीय संकट का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा पूँजी निकासी तथा निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट आई। BSE Sensex 8 जनवरी, 2008 के 20,873 अंक के उच्चतम स्तर से गिरकर 9 मार्च, 2009 को 8,160 अंक तक पहुँच गया, जो लगभग 60.9% की गिरावट थी। भारतीय बैंकों का Subprime Assets में प्रत्यक्ष निवेश सीमित था, लेकिन वैश्विक वित्तीय बाजारों से जुड़ाव के कारण भारतीय पूँजी बाजार प्रभावित हुआ।