JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

ECONOMY · 2017

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा उनके नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

कथन (A) : ब्रिटिश काल में सामान्यतः भारत का व्यापार संतुलन अनुकूल था।

कारण (R) : धन की निकासी का स्वरूप अप्रतिफलित निर्यात था।

कूट :

A.

(A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।

B.

(A) तथा (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

C.

(A) सही है, परन्तु (R) गलत है।

D.

(A) गलत है, परन्तु (R) सही है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

ब्रिटिश शासन के दौरान, विशेषकर 1813 के बाद, भारत से वस्तुओं का निर्यात अनेक वर्षों में आयात की तुलना में अधिक रहा। इस अर्थ में भारत के merchandise trade में सामान्यतः export surplus अथवा favourable balance of trade दिखाई देता था।

लेकिन यह favourable trade balance भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सामान्य अर्थ में लाभकारी surplus नहीं था। निर्यात से प्राप्त होने वाली पूरी राशि भारत को वस्तुओं, सोने-चाँदी अथवा domestic capital के रूप में वापस नहीं मिलती थी। इसका एक हिस्सा Britain को Home Charges और अन्य बिना प्रतिफल वाले भुगतानों के लिए इस्तेमाल होता था।

इसी को Unrequited Exports कहा जाता है—ऐसा निर्यात जिसके बदले भारत को बराबर आर्थिक या भौतिक प्रतिफल प्राप्त नहीं होता था। इसलिए export surplus स्वयं colonial Drain of Wealth को transfer करने का एक माध्यम बन गया।

इसलिए यहाँ apparent contradiction नहीं है। भारत का trade balance कागज पर favourable हो सकता था, लेकिन उस surplus का एक हिस्सा भारतीय अर्थव्यवस्था में वापस आने के बजाय विदेश चला जाता था। इसी कारण Reason, Assertion की व्याख्या करता है।

इस प्रश्न पर बाद में विवाद भी हुआ था। UPPSC की notified final key में option (a) था; इसे चुनौती देकर option (d) की माँग की गई थी। Allahabad High Court ने 30 March 2018 के निर्णय में Commission के answer में हस्तक्षेप करने से इंकार किया, और final-key answer को बने रहने दिया।

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