Previous Year Question
गांधीवादी अर्थव्यवस्था किस पर आधारित है ?
प्रतिस्पर्धा पर
न्यास पर
राज्य नियंत्रण पर
इनमें से किसी पर नहीं
Correct Answer: B
Detailed Solution
गांधीवादी आर्थिक चिंतन में Trusteeship या न्यासिता एक केंद्रीय अवधारणा है। इसके अनुसार किसी व्यक्ति के पास आवश्यकता से अधिक संपत्ति या संसाधन हों, तो वह उनका निरपेक्ष स्वामी न मानकर स्वयं को समाज की ओर से Trustee माने और अतिरिक्त संपत्ति का उपयोग व्यापक सामाजिक कल्याण के लिए करे।
इस सिद्धान्त का उद्देश्य केवल संपत्ति का redistribution करना नहीं था, बल्कि आर्थिक असमानता को अहिंसक और नैतिक तरीके से कम करना था। गांधी का दृष्टिकोण पूँजी और श्रम के बीच हिंसक संघर्ष के स्थान पर सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक दायित्व पर आधारित था।
Trusteeship में private possession को इस शर्त के साथ स्वीकार किया जाता है कि धन-संपत्ति का उपयोग केवल व्यक्ति की असीमित निजी इच्छाओं के लिए न होकर समाज के हित में भी किया जाए। संपन्न व्यक्ति अपनी उचित आवश्यकताओं के बाद शेष संसाधनों को समाज की संपत्ति की तरह देखे—यही इसकी मूल भावना है।
गांधीवादी अर्थव्यवस्था केवल Trusteeship तक सीमित नहीं थी। इसमें आर्थिक समानता, Swadeshi, decentralised production, village industries, full employment, basic human needs और economics के साथ ethics को भी महत्वपूर्ण माना गया। लेकिन इस प्रश्न में दिए गए विकल्पों में गांधीवादी आर्थिक दृष्टिकोण की विशिष्ट आधारभूत अवधारणा Trusteeship है।
यहाँ Competition classical market economy से अधिक जुड़ा विचार है और State Control पूर्ण राज्य-नियंत्रित आर्थिक व्यवस्था की ओर संकेत करता है। गांधी का आर्थिक मॉडल इन दोनों के स्थान पर नैतिकता, विकेंद्रीकरण और Trusteeship को प्रमुखता देता था।