Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : 2023-24 के दौरान सिंगापुर, भारत में FDI का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा।
कारण (R) : भारत-मॉरीशस कर संधि संशोधन से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रमुख स्रोतों के रूप में देशों में बड़ा बदलाव आया है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है।
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
अभिकथन (A) सही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सिंगापुर भारत में FDI का सबसे बड़ा स्रोत था। इस अवधि में Singapore से भारत को लगभग US$ 11.77 billion का FDI प्राप्त हुआ।
कारण (R) भी सही है। ऐतिहासिक रूप से Mauritius भारत के लिए FDI का प्रमुख route रहा था। इसका एक महत्वपूर्ण कारण India-Mauritius Double Taxation Avoidance Agreement के अंतर्गत capital gains से जुड़ा tax advantage था।
लेकिन 2016 में India-Mauritius Tax Treaty में संशोधन किया गया। इसके बाद भारत को Mauritius resident द्वारा भारतीय company के shares की बिक्री से प्राप्त capital gains पर source-based taxation का अधिकार मिला। इसका उद्देश्य treaty abuse, round-tripping तथा double non-taxation जैसी समस्याओं को कम करना भी था।
इस बदलाव के बाद FDI के source-country pattern में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ। Department of Commerce पर उपलब्ध WTO Trade Policy Review स्पष्ट करता है कि Mauritius से FDI की हिस्सेदारी बाद में घटी और Singapore ने उसे पीछे छोड़ दिया; report इस बदलाव को आंशिक रूप से 2016 के India-Mauritius treaty revision से जोड़ती है।
इसलिए यहाँ Reason केवल अलग factual statement नहीं है; वह Mauritius से Singapore की ओर FDI-source pattern के बदलाव की महत्वपूर्ण व्याख्या भी करता है।
Current Status (2026): यह trend अभी भी जारी है। FY 2025-26 में भी Singapore भारत का सबसे बड़ा FDI source रहा, जिससे लगभग US$ 19.8 billion का FDI आया। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 तक Singapore से cumulative FDI लगभग US$ 194.68 billion रहा।