JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2025

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : राष्ट्रीय एकता की अवधारणा में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मनोवैज्ञानिक आयाम तथा उनके बीच आंतरिक सम्बन्ध सम्मिलित हैं।

कारण (R) : राष्ट्रीय एकता परिषद का गठन 1961 में ‘अनेकता में एकता’ के सिद्धान्त के आधार पर किया गया।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है

B.

(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है

C.

(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है

D.

(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है

Correct Answer: A

Detailed Solution

अभिकथन (A) सही है। राष्ट्रीय एकता केवल राजनीतिक अथवा भौगोलिक एकता तक सीमित नहीं होती। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकीकरण, साथ ही लोगों में साझा राष्ट्रीय पहचान और एकत्व की भावना जैसे मनोवैज्ञानिक पक्ष भी शामिल होते हैं। राष्ट्रीय एकता सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने तथा राष्ट्रीय एकता और solidarity को मजबूत करने से जुड़ी है।

राजनीतिक आयाम से आशय साझा संवैधानिक और राजनीतिक व्यवस्था से है; आर्थिक आयाम क्षेत्रीय तथा सामाजिक असमानताओं को कम करने से जुड़ता है; सामाजिक-सांस्कृतिक आयाम विविध समुदायों के बीच सहयोग और स्वीकार्यता से संबंधित है; जबकि मनोवैज्ञानिक आयाम लोगों में एक राष्ट्र से जुड़े होने की साझा भावना को दर्शाता है।

कारण (R) भी सही माना गया है। वर्ष 1961 में राष्ट्रीय एकीकरण सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय एकीकरण से संबंधित विषयों की समीक्षा के लिए National Integration Council स्थापित करने का निर्णय हुआ। परिषद बाद में गठित हुई और उसकी पहली बैठक 1962 में हुई।

परिषद के घोषित मूल्यों में common citizenship, unity in diversity, freedom of religions, secularism, equality, social-economic-political justice तथा fraternity को राष्ट्रीय जीवन की आधारभूत मान्यताओं के रूप में रखा गया। इससे ‘अनेकता में एकता’ का विचार राष्ट्रीय एकीकरण के संस्थागत दृष्टिकोण में स्पष्ट दिखाई देता है।

लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता। कारण केवल यह बताता है कि राष्ट्रीय एकता परिषद की स्थापना किस ऐतिहासिक-संस्थागत पृष्ठभूमि में हुई। इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि राष्ट्रीय एकता की अवधारणा में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक सभी आयाम क्यों सम्मिलित होते हैं।

अर्थात दोनों कथन स्वतंत्र रूप से सही हैं, लेकिन उनके बीच कारण-परिणाम वाला explanatory relationship नहीं है।

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