JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2025

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : भारत में जनहित याचिका कानून के शासन के लिए आवश्यक है।

कारण (R) : जनहित याचिका सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्याय तक प्रभावकारी पहुँच प्रदान करता है।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है

B.

(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है

C.

(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है

D.

(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है

Correct Answer: D

Detailed Solution

अभिकथन (A) सही है। जनहित याचिका या Public Interest Litigation (PIL) ने न्यायालय तक पहुँच को केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रखा जो स्वयं प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो। सार्वजनिक महत्व के मामलों में कोई public-spirited व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह भी न्यायालय के समक्ष मामला उठा सकता है। इससे संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के enforcement का दायरा व्यापक हुआ है।

कारण (R) भी सही है। PIL का प्रारंभिक विकास विशेष रूप से उन लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ जो गरीबी, सामाजिक या आर्थिक कमजोरी अथवा अन्य disadvantage के कारण स्वयं न्यायालय तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच सकते थे। न्यायिक दृष्टिकोण में इसका उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्गों के लिए न्याय उपलब्ध कराना रहा है।

इसीलिए कारण (R), अभिकथन (A) की व्याख्या करता है। Rule of Law तभी व्यावहारिक अर्थ रखता है जब कानून और संवैधानिक अधिकार केवल कागज पर न रहें, बल्कि कमजोर और वंचित व्यक्ति भी उनके enforcement के लिए न्यायालय तक पहुँच सकें। PIL ने traditional locus standi को शिथिल कर इसी access को विस्तृत किया।

भारत में PIL के लिए संविधान में अलग से “PIL” नामक कोई स्वतंत्र अनुच्छेद नहीं है। इसका विकास न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से हुआ और Supreme Court के स्तर पर इसका प्रमुख constitutional route Article 32, जबकि High Courts के स्तर पर Article 226 है।

एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि PIL का उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति के निजी विवाद का समाधान करना नहीं है। इसका उपयोग ऐसे मामलों में किया जाता है जहाँ public interest, constitutional rights या ऐसे वर्गों के अधिकार प्रभावित हों जो स्वयं प्रभावी रूप से न्यायिक remedy प्राप्त करने में कठिनाई अनुभव करते हैं। साथ ही न्यायालयों ने genuine PIL को प्रोत्साहित करने और निजी अथवा दुर्भावनापूर्ण petitions को रोकने के लिए guidelines भी विकसित की हैं।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.