Previous Year Question
भारत के एक राज्य में विधान परिषद के गठन के संदर्भ में, निम्न में से कौनसा/से कथन सही है/हैं?
(1) एक विधान परिषद में उस राज्य की विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के एक तिहाई से अधिक सदस्य नहीं हो सकते हैं।
(2) एक राज्य की विधान परिषद में कम से कम चालीस सदस्य अवश्य ही होने चाहिए।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए –
कूट –
दोनों 1 तथा 2
न तो 1 ना ही 2
केवल 2
केवल 1
Correct Answer: A
Detailed Solution
यह प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 171(1) पर सीधे आधारित है, जो राज्यों की विधान परिषद की सदस्य संख्या निर्धारित करता है।
कथन 1 सही है। किसी राज्य की विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती। अर्थात यदि किसी राज्य की विधानसभा में 300 सदस्य हों, तो सामान्य संवैधानिक सीमा के अनुसार विधान परिषद में अधिकतम 100 सदस्य हो सकते हैं।
कथन 2 भी सही है। अनुच्छेद 171(1) यह भी निर्धारित करता है कि राज्य की विधान परिषद में सदस्यों की कुल संख्या 40 से कम नहीं होगी। इसलिए विधान परिषद के आकार के लिए संविधान ने एक ओर Assembly strength के one-third की maximum limit और दूसरी ओर 40 सदस्यों की minimum limit निर्धारित की है।
यहाँ विधानसभा और विधान परिषद के स्वरूप में भी अंतर महत्वपूर्ण है। विधानसभा राज्य विधानमंडल का प्रत्यक्ष निर्वाचित सदन है, जबकि विधान परिषद की संरचना में विभिन्न electoral categories तथा Governor द्वारा nominated members शामिल होते हैं; इसकी विस्तृत composition अनुच्छेद 171(3) में दी गई है।
एक संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य अनुच्छेद 169 है। किसी राज्य में विधान परिषद को समाप्त करने या नई विधान परिषद बनाने के लिए संबंधित विधानसभा को अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होता है। इसके बाद संसद कानून बनाकर परिषद का सृजन या उन्मूलन कर सकती है।
इसलिए याद रखने योग्य संबंध है—Article 169 = Legislative Council का creation/abolition; Article 171 = Legislative Council की composition.