JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2020

Previous Year Question

भारत के महान्यायवादी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति करेगा, जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के लिए अर्हित हो।

  2. महान्यायवादी को ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त होगा, जैसा संसद निर्धारित करे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए :

कूट :

A.

केवल 1 सही है

B.

केवल 2 सही है

C.

1 और 2 दोनों सही हैं

D.

न तो 1 और न ही 2 सही है

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है। संविधान के अनुच्छेद 76(1) के अनुसार राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति को भारत का महान्यायवादी नियुक्त करता है, जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के लिए अर्हित हो।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अर्हताएँ अनुच्छेद 124(3) में दी गई हैं। व्यक्ति भारत का नागरिक हो तथा कम-से-कम 5 वर्ष तक किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश, अथवा कम-से-कम 10 वर्ष तक किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा हो, अथवा राष्ट्रपति की राय में विशिष्ट विधिवेत्ता (distinguished jurist) हो। इसलिए महान्यायवादी के लिए भी यही संवैधानिक qualification standard लागू होता है।

कथन 2 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 76(4) के अनुसार महान्यायवादी को ऐसा पारिश्रमिक मिलता है, जैसा राष्ट्रपति निर्धारित करे, न कि जैसा संसद निर्धारित करे। इसी खंड के अनुसार महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त (during the pleasure of the President) पद धारण करता है।

महान्यायवादी का प्रमुख कर्तव्य भारत सरकार को ऐसे विधिक विषयों पर सलाह देना है जो उसे सौंपे जाएँ। वह राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए अन्य विधिक कर्तव्यों का निर्वहन भी करता है तथा उसे भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार (right of audience) प्राप्त है। ये प्रावधान क्रमशः अनुच्छेद 76(2) और 76(3) में दिए गए हैं।

परीक्षा के लिए मुख्य अंतर याद रखना चाहिए—नियुक्ति राष्ट्रपति करता है, पद राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त रहता है और पारिश्रमिक भी राष्ट्रपति निर्धारित करता है।

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