JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2017

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा एक क्षेत्रीय परिषद का लक्षण नहीं है?

A.

यह एक संवैधानिक संस्था है

B.

पाँचों क्षेत्रीय परिषदें राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत स्थापित की गई हैं

C.

चंडीगढ़ हालांकि एक राज्य नहीं है, क्षेत्रीय परिषद में शामिल है

D.

यह एक परामर्शदात्री संस्था है

Correct Answer: A

Detailed Solution

क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक निकाय नहीं, बल्कि सांविधिक (Statutory) निकाय हैं, क्योंकि इनकी स्थापना संविधान के किसी अनुच्छेद द्वारा नहीं, बल्कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के भाग III के अंतर्गत की गई थी। इसी अधिनियम के आधार पर उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी—पाँच क्षेत्रीय परिषदें स्थापित की गईं।

इन परिषदों की प्रकृति परामर्शदात्री (Advisory) है। ये केन्द्र और राज्यों तथा विभिन्न राज्यों के बीच साझा हित के विषयों पर चर्चा करती हैं और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में सरकारों को सलाह या सिफारिश देती हैं; इनकी सिफारिशें स्वयं कानून की तरह बाध्यकारी नहीं होतीं।

क्षेत्रीय परिषदों का उद्देश्य केवल प्रशासनिक समन्वय नहीं है। इनके प्रमुख उद्देश्यों में राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना, क्षेत्रवाद एवं भाषावाद जैसी प्रवृत्तियों को नियंत्रित करना, केन्द्र-राज्य तथा अंतर्राज्यीय सहयोग बढ़ाना और विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोग का वातावरण बनाना शामिल है।

चंडीगढ़ राज्य न होते हुए भी उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में शामिल है। इसलिए विकल्प (c) क्षेत्रीय परिषद की वास्तविक विशेषता को दर्शाता है। केन्द्रशासित प्रदेशों को भी संबंधित क्षेत्रीय परिषदों में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।

एक महत्वपूर्ण परीक्षा-तथ्य यह है कि प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद का अध्यक्ष केन्द्रीय गृह मंत्री होता है, जबकि संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से एक वर्ष के लिए उपाध्यक्ष का कार्य करते हैं।

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