Previous Year Question
भारत में पंचायती राज संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होगा।
पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षित स्थानों में से 1/4 स्थान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
केवल 2
न तो 1 न ही 2
1 और 2 दोनों
केवल 1
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 सही है। संविधान के अनुच्छेद 243E(1) के अनुसार प्रत्येक पंचायत, यदि उसे विधि के अनुसार पहले भंग नहीं कर दिया जाता है, तो अपनी प्रथम बैठक के लिए नियत तारीख से पाँच वर्ष तक बनी रहती है।
पाँच वर्ष का कार्यकाल केवल एक सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायतों की continuity और नियमित चुनाव सुनिश्चित करने वाला संवैधानिक प्रावधान है। अनुच्छेद 243E यह भी व्यवस्था करता है कि सामान्य स्थिति में नई पंचायत के गठन का चुनाव मौजूदा पंचायत की अवधि समाप्त होने से पहले पूरा किया जाए। यदि पंचायत समय से पहले भंग होती है, तो सामान्यतः छह महीने के भीतर चुनाव कराने का प्रावधान है।
कथन 2 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 243D(1) के अनुसार प्रत्येक पंचायत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें उनकी संबंधित पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित की जाती हैं। इसके बाद अनुच्छेद 243D(2) स्पष्ट करता है कि SC/ST के लिए आरक्षित इन सीटों में से कम-से-कम एक-तिहाई (1/3) सीटें SC/ST महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, एक-चौथाई (1/4) नहीं।
इसके अतिरिक्त अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन से भरी जाने वाली कुल सीटों में से कम-से-कम एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इस एक-तिहाई में SC और ST महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल होती हैं।
इसलिए यहाँ दो अलग-अलग “one-third” provisions को समझना उपयोगी है—
SC/ST के लिए आरक्षित सीटों में से ≥ 1/3 → SC/ST महिलाएँ
कुल प्रत्यक्ष निर्वाचित सीटों में से ≥ 1/3 → सभी महिलाएँ, जिसमें SC/ST महिलाएँ भी शामिल हैं।