JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2023

Previous Year Question

पंचायती राज पर अशोक मेहता समिति प्रतिवेदन (1977) की प्रमुख सिफारिशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

  1. पंचायती राज की तीन स्तरीय व्यवस्था के स्थान पर द्विस्तरीय व्यवस्था होनी चाहिए।

  2. राज्य स्तर के नीचे पर्यवेक्षण हेतु खण्ड को विकेन्द्रीकरण का प्रथम बिंदु माना जाना चाहिए।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए –

कूट –

A.

केवल 1

B.

दोनों 1 तथा 2

C.

केवल 2

D.

न तो 1 न ही 2

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है। अशोक मेहता समिति ने प्रचलित त्रि-स्तरीय Panchayati Raj व्यवस्था के स्थान पर द्वि-स्तरीय व्यवस्था की सिफारिश की थी। प्रस्तावित व्यवस्था में ऊपर जिला परिषद (Zila Parishad) तथा उसके नीचे मंडल पंचायत (Mandal Panchayat) को रखा गया था। Mandal Panchayat को कई गाँवों के समूह के लिए गठित करने की परिकल्पना की गई थी।

यह सिफारिश बलवंत राय मेहता समिति की त्रि-स्तरीय व्यवस्था से महत्वपूर्ण रूप से अलग थी। अशोक मेहता समिति ने Panchayati Raj में जिले को प्रमुख प्रशासनिक और नियोजन इकाई के रूप में अधिक महत्व दिया।

कथन 2 गलत है। समिति ने राज्य स्तर से नीचे democratic decentralisation का पहला महत्वपूर्ण बिंदु Block नहीं, District माना था। इसलिए प्रश्न में “खण्ड को विकेन्द्रीकरण का प्रथम बिंदु” कहना अशोक मेहता समिति की सिफारिश के अनुरूप नहीं है।

समिति ने केवल संरचना में परिवर्तन की बात नहीं की थी। उसने Panchayati Raj Institutions को पर्याप्त functions और financial powers, नियमित चुनाव तथा राजनीतिक दलों की पंचायत चुनावों में भागीदारी जैसे उपायों पर भी बल दिया था।

परीक्षा के लिए मुख्य अंतर याद रखा जा सकता है—

Balwant Rai Mehta → Three-tier system
Ashok Mehta → Two-tier system + District as important decentralised unit

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