JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2022

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिये गये हैं, एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : 73 वाँ संविधान संशोधन भारत के स्थानीय शासन के इतिहास में एक आधार स्तम्भ के रूप में माना जाता है।

कारण (R) : 73 वें संविधान संशोधन ने पंचायतों को अति अपेक्षित संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।

नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिये।

कूट :

A.

(A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है

B.

(A) सही है, परन्तु (R) गलत है

C.

(A) तथा (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है

D.

(A) गलत है, परन्तु (R) सही है

Correct Answer: A

Detailed Solution

अभिकथन (A) सही है। 73वें संविधान संशोधन ने भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की स्थिति में मूलभूत परिवर्तन किया। इसके द्वारा संविधान में भाग IX—“पंचायतें” जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243 से 243-O तक पंचायतों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान दिए गए। यह व्यवस्था 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी हुई।

इस संशोधन से पहले पंचायतों की संरचना और निरंतरता मुख्यतः राज्य कानूनों पर निर्भर थी। 73वें संशोधन ने ग्राम सभा, तीन स्तरों पर पंचायतों, आरक्षण, पाँच वर्षीय कार्यकाल, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग जैसे संस्थागत प्रावधानों को संवैधानिक ढाँचे का हिस्सा बनाया। इसी कारण इसे स्थानीय शासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ माना जाता है।

कारण (R) भी सही है। 73वें संशोधन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देना था। संविधान में पंचायत को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गठित self-government की institution के रूप में परिभाषित किया गया। इससे पंचायतें केवल प्रशासनिक सुविधा की संस्थाएँ न रहकर संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ बनीं।

इसी संशोधन द्वारा ग्यारहवीं अनुसूची भी जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों से संबंधित 29 विषय रखे गए। इनमें कृषि, भूमि सुधार, लघु सिंचाई, ग्रामीण आवास, पेयजल, सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा गरीबी उन्मूलन जैसे विषय शामिल हैं।

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