Previous Year Question
पंचायती राज व्यवस्था अपनायी गयी थी :
लोगों को राजनैतिक जागरूकता प्रदान करने हेतु।
लोकतन्त्र की शक्तियों के विकेन्द्रीकरण के लिये।
कृषकों को शिक्षित करने के लिये।
उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Correct Answer: B
Detailed Solution
पंचायती राज व्यवस्था का मूल आधार विकेन्द्रीकरण (Decentralisation) है। इसका उद्देश्य शासन और निर्णय लेने की शक्तियों को केवल केन्द्र या राज्य स्तर पर केन्द्रित न रखकर उन्हें स्थानीय स्तर तक पहुँचाना है, ताकि निर्वाचित स्थानीय प्रतिनिधि अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेने और विकास कार्यों में भाग ले सकें।
इस व्यवस्था में शासन को जनता के अधिक निकट लाया जाता है। ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत समिति/Block Panchayat और जिला स्तर पर जिला पंचायत के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थागत संरचना विकसित होती है।
73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज के इस decentralised framework को संवैधानिक मजबूती मिली। अनुच्छेद 243G राज्य विधानमंडल को पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और उत्तरदायित्व देने का प्रावधान करता है, जिससे वे स्वशासन की संस्थाओं (institutions of self-government) के रूप में कार्य कर सकें तथा आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएँ तैयार और लागू कर सकें।
इसलिए Panchayati Raj का उद्देश्य केवल लोगों को राजनीतिक जानकारी देना या किसानों को शिक्षित करना नहीं है। राजनीतिक जागरूकता और जनभागीदारी इसके परिणाम हो सकते हैं, लेकिन इसका मूल संस्थागत उद्देश्य लोकतांत्रिक सत्ता और प्रशासन का विकेन्द्रीकरण है।
विकेन्द्रीकरण का व्यावहारिक अर्थ Functions, Funds और Functionaries का स्थानीय संस्थाओं की ओर हस्तांतरण भी है। विभिन्न राज्यों में वास्तविक devolution की मात्रा अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि पंचायत “Local Government” के रूप में State subject है और संबंधित राज्य कानून इसके व्यावहारिक स्वरूप को निर्धारित करते हैं।