Previous Year Question
व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिये उच्च न्यायालय निम्नलिखित में से किस रिट को जारी कर सकता है ?
परमादेश
अधिकार पृच्छा
बन्दी प्रत्यक्षीकरण
प्रतिषेध
Correct Answer: C
Detailed Solution
बन्दी प्रत्यक्षीकरण व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक रिट है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति को अवैध अथवा विधि के प्राधिकार के बिना हिरासत में रखा गया हो।
इस रिट के माध्यम से न्यायालय हिरासत में रखने वाले व्यक्ति अथवा प्राधिकारी को निर्देश देता है कि बंदी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए और उसकी detention का कानूनी आधार बताया जाए। यदि न्यायालय पाता है कि हिरासत वैध नहीं है, तो वह व्यक्ति की रिहाई का आदेश दे सकता है।
संविधान का अनुच्छेद 226 प्रत्येक उच्च न्यायालय को Habeas Corpus सहित Mandamus, Prohibition, Quo Warranto और Certiorari जैसी writs जारी करने की शक्ति देता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि High Court ये writs केवल Fundamental Rights के enforcement के लिए ही नहीं, बल्कि “for any other purpose” के लिए भी जारी कर सकता है।
यहाँ अन्य विकल्पों का अंतर भी उपयोगी है। Mandamus (परमादेश) किसी public authority को उसके वैधानिक कर्तव्य के पालन का निर्देश देने के लिए होता है। Quo Warranto (अधिकार पृच्छा) यह जाँचता है कि कोई व्यक्ति किसी public office को किस कानूनी अधिकार से धारण कर रहा है। Prohibition (प्रतिषेध) सामान्यतः अधीनस्थ न्यायालय या tribunal को उसकी jurisdiction से बाहर कार्य करने से रोकता है।
इसलिए यदि प्रश्न में मुख्य शब्द “व्यक्तिगत स्वतंत्रता” या “illegal detention” हो, तो सीधा संबंध Habeas Corpus से है।