Previous Year Question
सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश अपना पद त्याग सकता है, पत्र लिखकर :
मुख्य न्यायाधीश को
राष्ट्रपति को
प्रधानमंत्री को
विधि मंत्री को
Correct Answer: B
Detailed Solution
संविधान के अनुच्छेद 124(2) के परन्तुक के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश अपने हस्ताक्षर सहित लिखित पत्र राष्ट्रपति को संबोधित करके अपने पद से त्यागपत्र दे सकता है।
इसलिए त्यागपत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री या विधि मंत्री को नहीं, बल्कि राष्ट्रपति को दिया जाता है।
इसी अनुच्छेद के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश सामान्यतः 65 वर्ष की आयु तक पद धारण करता है। इस आयु से पहले पद रिक्त होने के प्रमुख संवैधानिक तरीके resignation या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार removal हो सकते हैं।
Resignation और Removal अलग प्रक्रियाएँ हैं। Resignation न्यायाधीश का स्वैच्छिक निर्णय है, जिसमें वह राष्ट्रपति को लिखित त्यागपत्र देता है। इसके विपरीत न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया अनुच्छेद 124(4) से संबंधित है और वह केवल proved misbehaviour या incapacity के आधार पर निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के बाद हो सकती है।
Removal के लिए संसद के प्रत्येक सदन में प्रस्ताव को उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना आवश्यक है। इसके बाद राष्ट्रपति removal order जारी कर सकता है।
एक उपयोगी comparison यह है कि High Court का Judge भी अपना resignation राष्ट्रपति को ही संबोधित करता है, यद्यपि High Court Judges से संबंधित मूल संवैधानिक प्रावधान Article 217 में है।
इसलिए परीक्षा के लिए सीधा तथ्य है—
Supreme Court Judge → Resignation → President