Previous Year Question
भारतीय संविधान की समवर्ती सूची में शामिल है/हैं :
व्यापार एवं वाणिज्य
सामानों में मिलावट
उत्तराधिकार
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
1 और 3
1, 2 और 3
केवल 1
2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में विधायी विषयों को संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में विभाजित किया गया है।
संविधान के अनुच्छेद 246(2) के अनुसार समवर्ती सूची के विषयों पर संसद और राज्य विधानमंडल, दोनों कानून बना सकते हैं।
1. व्यापार एवं वाणिज्य
व्यापार और वाणिज्य के सभी विषय समवर्ती सूची में शामिल नहीं हैं।
राज्य सूची की प्रविष्टि 26 में राज्य के भीतर व्यापार और वाणिज्य का प्रावधान है। यह समवर्ती सूची की प्रविष्टि 33 के अधीन है।
समवर्ती सूची की प्रविष्टि 33 में निर्दिष्ट वस्तुओं के व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण से संबंधित प्रावधान हैं।
इनमें खाद्य पदार्थ, खाद्य तेल, पशु चारा, कच्चा कपास, कच्चा जूट तथा संघ के नियंत्रण वाले निर्दिष्ट उद्योगों के उत्पाद शामिल हैं।
इसलिए व्यापार एवं वाणिज्य के कुछ विषय समवर्ती सूची में आते हैं, लेकिन सामान्य रूप से व्यापार एवं वाणिज्य को पूरी तरह समवर्ती सूची का विषय मानना सही नहीं है।
2. सामानों में मिलावट
समवर्ती सूची की प्रविष्टि 18 में खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं में मिलावट से संबंधित विषय शामिल है।
इसके अंतर्गत खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं में मिलावट को नियंत्रित करने के लिए संसद तथा राज्य विधानमंडल कानून बना सकते हैं।
इसलिए कथन 2 समवर्ती सूची से संबंधित है।
3. उत्तराधिकार
समवर्ती सूची की प्रविष्टि 5 में विवाह, विवाह-विच्छेद, दत्तक ग्रहण, वसीयत, निर्वसीयतता और उत्तराधिकार सहित विभिन्न विषय शामिल हैं।
उत्तराधिकार का संबंध किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति के विधिक हस्तांतरण से है।
इस विषय पर संसद और राज्य विधानमंडल, दोनों को संविधान के अनुसार कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है।
इसलिए कथन 3 भी समवर्ती सूची से संबंधित है।
निष्कर्ष: कथन 2 और 3 स्पष्ट रूप से समवर्ती सूची में हैं। कथन 1 का केवल निर्दिष्ट वस्तुओं से संबंधित हिस्सा प्रविष्टि 33 में शामिल है। प्रश्न में यह सीमा नहीं बताई गई है, इसलिए विकल्प (b) और (d) की व्याख्या में अंतर उत्पन्न होता है।