JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2024

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

भारत के संविधान में संशोधन की पहल निम्नलिखित में से किसके द्वारा की जा सकती है?

  1. लोकसभा

  2. राज्यसभा

  3. राज्य विधानमंडल

  4. भारत के राष्ट्रपति

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A.

1, 2 और 3

B.

1 और 2

C.

केवल 1

D.

2, 3 और 4

Correct Answer: B

Detailed Solution

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368(2) के अनुसार संविधान संशोधन की प्रक्रिया संसद के किसी भी सदन में संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करके प्रारंभ की जा सकती है।

इसलिए लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है।

कथन 1 सही है।

लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है। यह विधेयक किसी मंत्री अथवा गैर-सरकारी सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है।

संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए सामान्यतः प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत आवश्यक होता है।

विशेष बहुमत का अर्थ है—सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत।

कथन 2 सही है।

राज्यसभा में भी संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है।

संविधान संशोधन की प्रक्रिया में लोकसभा और राज्यसभा को समान विधायी शक्तियाँ प्राप्त हैं। विधेयक को दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग आवश्यक बहुमत से पारित किया जाना अनिवार्य है।

यदि संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में गतिरोध उत्पन्न होता है, तो उसे दूर करने के लिए संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।

कथन 3 गलत है।

राज्य विधानमंडल संविधान संशोधन विधेयक की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं कर सकते।

हालाँकि, संविधान के कुछ संघीय प्रावधानों में संशोधन के लिए कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक होता है।

उदाहरण के लिए, संविधान की सातवीं अनुसूची की सूचियों में परिवर्तन और संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व से संबंधित निर्दिष्ट संशोधनों के लिए राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक है।

लेकिन अनुसमर्थन की शक्ति और संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करके संशोधन की प्रक्रिया प्रारंभ करने की शक्ति अलग-अलग हैं।

कथन 4 गलत है।

भारत के राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करके संशोधन की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करते।

अनुच्छेद 368 के अनुसार संसद के दोनों सदनों से आवश्यक बहुमत द्वारा पारित संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।

राष्ट्रपति ऐसे विधेयक को अपनी अनुमति प्रदान करते हैं। संविधान संशोधन विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुशंसा आवश्यक नहीं होती।

इस प्रकार संविधान संशोधन की पहल लोकसभा अथवा राज्यसभा में की जा सकती है, लेकिन राज्य विधानमंडल और राष्ट्रपति द्वारा नहीं।

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