Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
सूची-I | सूची-II |
A. अनुच्छेद 324 | 1. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग |
B. अनुच्छेद 315 | 2. वित्त आयोग |
C. अनुच्छेद 280 | 3. लोक सेवा आयोग |
D. अनुच्छेद 338 | 4. निर्वाचन आयोग |
कूट:
A-(1), B-(3), C-(4), D-(2)
A-(3), B-(2), C-(4), D-(1)
A-(3), B-(2), C-(1), D-(4)
A-(4), B-(3), C-(2), D-(1)
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324, 315, 280 और 338 क्रमशः निर्वाचन आयोग, लोक सेवा आयोग, वित्त आयोग तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से संबंधित हैं।
A. अनुच्छेद 324 — निर्वाचन आयोग (4)
अनुच्छेद 324 भारत के निर्वाचन आयोग से संबंधित है।
इसके अंतर्गत संसद और राज्य विधानमंडलों के चुनावों तथा राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों के लिए निर्वाचक नामावलियों की तैयारी और चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित किया गया है।
निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित संख्या में अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं।
ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनावों का संचालन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है। इनके संवैधानिक प्रावधान क्रमशः अनुच्छेद 243K और 243ZA में दिए गए हैं।
B. अनुच्छेद 315 — लोक सेवा आयोग (3)
अनुच्छेद 315 के अंतर्गत संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों की व्यवस्था की गई है।
इसके अनुसार संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग तथा प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा।
दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की स्थापना भी की जा सकती है। इसके लिए संबंधित राज्यों के विधानमंडलों द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद संसद कानून बना सकती है।
अनुच्छेद 320 लोक सेवा आयोगों के कार्यों से संबंधित है, जिनमें सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाएँ आयोजित करना और निर्दिष्ट भर्ती संबंधी मामलों में परामर्श देना शामिल है।
C. अनुच्छेद 280 — वित्त आयोग (2)
अनुच्छेद 280 के अंतर्गत भारत के वित्त आयोग की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रपति संविधान के प्रारंभ से दो वर्ष के भीतर और उसके बाद प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर अथवा आवश्यकता होने पर उससे पहले वित्त आयोग का गठन करते हैं।
वित्त आयोग में एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं।
इसका प्रमुख कार्य संघ और राज्यों के बीच विभाज्य करों की शुद्ध प्राप्तियों के वितरण तथा राज्यों को सहायता अनुदान देने के सिद्धांतों के संबंध में राष्ट्रपति को सिफारिशें करना है।
यह राज्यों की संचित निधि में वृद्धि के उन उपायों के संबंध में भी सिफारिश करता है, जो पंचायतों और नगरपालिकाओं के संसाधनों की पूर्ति के लिए आवश्यक हैं।
D. अनुच्छेद 338 — राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (1)
अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से संबंधित है।
इस आयोग का प्रमुख कार्य अनुसूचित जातियों के लिए संविधान तथा अन्य कानूनों में दिए गए संरक्षण संबंधी प्रावधानों की निगरानी करना और उनके क्रियान्वयन की जाँच करना है।
आयोग अनुसूचित जातियों के अधिकारों और संरक्षण से संबंधित शिकायतों की जाँच भी करता है तथा उनके सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित मामलों में परामर्श देता है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A के अंतर्गत आता है। 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए अलग-अलग राष्ट्रीय आयोगों की संवैधानिक व्यवस्था की गई।
इसलिए अनुच्छेद 338 को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से सुमेलित किया जाएगा।