Previous Year Question
राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को हटाया जा सकता है
विधान सभा में महाभियोग के आधार पर राज्यपाल द्वारा
उच्चतम न्यायालय की जाँच के पश्चात् राज्यपाल द्वारा
उच्चतम न्यायालय की जाँच के पश्चात् राष्ट्रपति द्वारा
उच्च न्यायालय की जाँच के पश्चात् राज्यपाल द्वारा
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 317(1) के अनुसार किसी Public Service Commission के Chairman या अन्य Member को misbehaviour के आधार पर केवल राष्ट्रपति पद से हटा सकता है। इसके लिए राष्ट्रपति मामला Supreme Court को reference करता है और Supreme Court जाँच करके यह report देता है कि संबंधित सदस्य को हटाया जाना चाहिए या नहीं।
यह व्यवस्था State Public Service Commission पर भी लागू होती है। इसलिए यह तथ्य कि State PSC के Chairman और Members की नियुक्ति Governor करता है, इसका अर्थ यह नहीं है कि removal भी Governor करेगा। Misbehaviour के मामले में अंतिम removal order President द्वारा दिया जाता है।
अनुच्छेद 317(2) के अनुसार Supreme Court में reference लंबित रहने के दौरान State Public Service Commission के Chairman या Member को Governor suspend कर सकता है, लेकिन final removal President करता है। इसलिए suspension और removal authority को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त Article 317(3) में कुछ परिस्थितियों—जैसे insolvent घोषित होना, पदावधि के दौरान duties के बाहर paid employment में लगना, अथवा mental/physical infirmity के कारण पद पर बने रहने के अयोग्य होना—में President को removal की अलग शक्ति दी गई है।
इसलिए मुख्य संबंध है—Article 317 → Supreme Court inquiry → President removes; State PSC में Governor केवल specified situation में suspension कर सकता है।