JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2017

Previous Year Question

राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के किसी विषय पर संसद को विधि बनाने की शक्ति प्रदान करने वाला राज्य सभा द्वारा संविधान के अनुच्छेद 249 के अधीन पारित प्रस्ताव कितनी अवधि तक प्रवृत्त रहता है?

A.

छः माह से अधिक नहीं

B.

दो वर्ष से अधिक नहीं

C.

एक वर्ष से अधिक नहीं

D.

असीमित अवधि तक

Correct Answer: C

Detailed Solution

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 249(1) के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह प्रस्ताव पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में संसद को State List के किसी निर्दिष्ट विषय पर कानून बनाना आवश्यक या समीचीन है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।

अनुच्छेद 249(2) के अनुसार ऐसा प्रस्ताव उसमें विनिर्दिष्ट अवधि तक प्रभावी रहता है, लेकिन यह अवधि एक वर्ष से अधिक नहीं हो सकती। इसलिए प्रश्न का सीधा उत्तर एक वर्ष है।

एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इसकी अवधि समाप्त होने से पहले उसी निर्धारित प्रक्रिया से नया प्रस्ताव पारित करके इसे एक-एक वर्ष की अतिरिक्त अवधि के लिए जारी रखा जा सकता है। अर्थात् एक प्रस्ताव की अधिकतम अवधि एक वर्ष है, लेकिन इसे नए resolution द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है।

यहाँ छः माह से भ्रम नहीं होना चाहिए। Article 249(3) के अनुसार resolution समाप्त हो जाने पर उसके आधार पर संसद द्वारा बनाया गया कानून, संसद की State List पर सामान्य legislative competence न होने की सीमा तक, छः माह बाद प्रभावहीन होता है। अतः 1 वर्ष resolution की अधिकतम अवधि है, जबकि 6 माह संबंधित Parliamentary law की अतिरिक्त प्रभावशीलता से संबंधित है।

इसलिए परीक्षा के लिए मुख्य संबंध है—Article 249 → Rajya Sabha → 2/3 present and voting → National Interest → Resolution maximum 1 year.

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