Previous Year Question
सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
सूची-I | सूची-II |
(A) न्यायिक पुनरीक्षण शक्ति का परिसीमन | 1. 61वाँ संशोधन |
(B) सम्पत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया जाना | 2. 42वाँ संशोधन |
(C) मताधिकार की आयु 21 वर्ष से 18 वर्ष घटाया जाना | 3. 38वाँ संशोधन |
(D) उद्देशिका में पंथ निरपेक्ष शब्द का जोड़ा जाना | 4. 44वाँ संशोधन |
कूट :
A-1, B-2, C-4, D-3
A-2, B-4, C-1, D-3
A-3, B-4, C-1, D-2
A-4, B-1, C-3, D-2
Correct Answer: C
Detailed Solution
(A) न्यायिक पुनरीक्षण शक्ति का परिसीमन — 38वाँ संविधान संशोधन: 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 ने Ordinance तथा Emergency से संबंधित कुछ मामलों में राष्ट्रपति, राज्यपाल या Administrator की satisfaction को final and conclusive बनाकर उसे न्यायालय में प्रश्नगत किए जाने से बाहर रखने वाले प्रावधान जोड़े थे। इस प्रकार इसने उन क्षेत्रों में Judicial Review को सीमित किया। बाद में इनमें से कई प्रावधान 44वें संशोधन द्वारा हटा दिए गए।
(B) सम्पत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाना — 44वाँ संविधान संशोधन: 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 ने Article 19(1)(f) को हटाया और Fundamental Right के रूप में Right to Property की स्थिति समाप्त की। इसके बाद संपत्ति का अधिकार Article 300A के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार के रूप में बना रहा।
(C) मताधिकार की आयु 21 से 18 वर्ष — 61वाँ संविधान संशोधन: 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 ने Article 326 में संशोधन करके मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी।
(D) उद्देशिका में ‘पंथ निरपेक्ष’ शब्द — 42वाँ संविधान संशोधन: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा Preamble में Socialist, Secular और Integrity से संबंधित परिवर्तन किए गए; इसी संशोधन से ‘Secular/पंथ निरपेक्ष’ शब्द उद्देशिका में जोड़ा गया।
ध्यान देने योग्य है कि 42वें संशोधन में भी Judicial Review को सीमित करने वाले महत्वपूर्ण प्रावधान थे, लेकिन इस matching question में 42वाँ संशोधन ‘पंथ निरपेक्ष’ शब्द से और 38वाँ संशोधन specified matters की non-justiciability से जोड़ा गया है।