Previous Year Question
किसी जाति तथा जनजाति को अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति घोषित करने हेतु, शक्ति सम्पन्न सांविधानिक प्राधिकारी है :
भारत का राष्ट्रपति
भारत का प्रधान मंत्री
समाज कल्याण मंत्री
अनु.जा./अनु. जनजाति आयोग का अध्यक्ष
Correct Answer: A
Detailed Solution
भारतीय संविधान में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) और अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) के निर्धारण के लिए क्रमशः अनुच्छेद 341 और अनुच्छेद 342 में व्यवस्था की गई है। इन दोनों अनुच्छेदों के अंतर्गत प्रारंभिक रूप से किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में किन जातियों या जनजातीय समुदायों को SC या ST माना जाएगा, यह राष्ट्रपति लोक अधिसूचना (Public Notification) द्वारा विनिर्दिष्ट करता है।
किसी राज्य के संबंध में ऐसी अधिसूचना जारी करने से पहले राष्ट्रपति संबंधित राज्यपाल से परामर्श करता है। इस प्रकार SC/ST की संवैधानिक सूची के प्रारंभिक विनिर्देशन की शक्ति राष्ट्रपति से संबंधित है।
यहाँ एक महत्वपूर्ण अंतर है—राष्ट्रपति द्वारा सूची अधिसूचित हो जाने के बाद उसमें किसी जाति या जनजाति को शामिल करने या बाहर निकालने की शक्ति संसद को कानून द्वारा प्राप्त है। अर्थात् बाद में SC/ST सूची में inclusion या exclusion केवल Parliament द्वारा कानून से किया जा सकता है; राष्ट्रपति दूसरी अधिसूचना से स्वयं सूची में परिवर्तन नहीं कर सकता।
National Commission for Scheduled Castes या National Commission for Scheduled Tribes का अध्यक्ष किसी समुदाय को SC/ST घोषित नहीं करता। इन Commissions का कार्य संवैधानिक safeguards की निगरानी, शिकायतों की जाँच तथा सरकार को सलाह और रिपोर्ट देना है; इसलिए विकल्प (d) सही नहीं है।