Previous Year Question
भारत में एक नया राज्य सृजित करने वाले विधेयक को पारित होना अनिवार्य है :
संसद में साधारण बहुमत तथा कम से कम दो-तिहाई राज्यों के अनुसमर्थन द्वारा।
संसद में साधारण बहुमत द्वारा।
संसद में दो-तिहाई बहुमत तथा कम से कम दो-तिहाई राज्यों के अनुसमर्थन द्वारा।
उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Correct Answer: B
Detailed Solution
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को किसी राज्य का क्षेत्र अलग करके, दो या अधिक राज्यों अथवा उनके भागों को मिलाकर, या किसी क्षेत्र को किसी राज्य के भाग के साथ मिलाकर नया राज्य बनाने की शक्ति देता है। इसी अनुच्छेद के अंतर्गत संसद किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ा या घटा सकती है तथा उसकी सीमाओं या नाम में परिवर्तन कर सकती है।
ऐसा विधेयक संसद के किसी भी सदन में राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। यदि प्रस्ताव से किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम पर प्रभाव पड़ता है, तो राष्ट्रपति उस विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजता है।
लेकिन नया राज्य बनाने के लिए राज्यों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता नहीं होती। अनुच्छेद 4(2) स्पष्ट करता है कि अनुच्छेद 2 या 3 के अंतर्गत बनाई गई ऐसी विधि को अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए संविधान संशोधन नहीं माना जाता। इसलिए इसके लिए Constitutional Amendment वाला Special Majority आवश्यक नहीं है।
इसी कारण नया राज्य बनाने वाला विधेयक संसद की सामान्य विधायी प्रक्रिया में साधारण बहुमत से पारित किया जाता है; दो-तिहाई बहुमत या राज्यों के दो-तिहाई अनुसमर्थन की आवश्यकता नहीं है।