JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2016

Previous Year Question

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ‘संविधान के आधारभूत ढाँचे’ के सिद्धान्त को स्पष्ट किया है :

A.

गोलकनाथ वाद 1967 में

B.

सज्जन सिंह वाद 1965 में

C.

शंकरी प्रसाद वाद 1951 में

D.

केशवानन्द भारती वाद 1973 में

Correct Answer: D

Detailed Solution

सर्वोच्च न्यायालय ने Kesavananda Bharati v. State of Kerala मामले में 24 अप्रैल 1973 को दिए निर्णय में Basic Structure Doctrine प्रतिपादित किया। यह मामला 13 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सुना और निर्णय 7:6 के बहुमत से दिया गया।

इस सिद्धान्त के अनुसार संसद को अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान में संशोधन करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, लेकिन यह शक्ति असीमित नहीं है। संसद ऐसा Constitutional Amendment नहीं कर सकती जो संविधान की Basic Structure को नष्ट या परिवर्तित कर दे।

इस मामले से पहले Shankari Prasad (1951), Sajjan Singh (1965) और Golaknath (1967) जैसे मामलों में संसद की संशोधन शक्ति और Fundamental Rights के बीच संबंध पर विचार हुआ था; लेकिन Basic Structure Doctrine का प्रतिपादन Kesavananda Bharati case में हुआ।

इसलिए परीक्षा में Basic Structure Doctrine → Kesavananda Bharati → 1973 → 13-Judge Bench → 7:6 majority का संबंध विशेष रूप से याद रखना उपयोगी है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.