JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2015

Previous Year Question

निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार कीजिए और नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए

कथन (A): राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है ।

कारण (R) : संघीय वित्त आयोग पंचायतों को वित्तीय सहायता देने के लिए संस्तुति नहीं कर सकता ।

कूट:

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।

B.

(A) और (R) दोनों सही हैं किन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।

C.

(A) सही है, किन्तु (R) गलत है।

D.

(A) गलत है, किन्तु (R) सही है।

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन (A) सही है। राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है। संविधान के अनुच्छेद 243-I के अंतर्गत राज्यपाल प्रत्येक पाँचवें वर्ष State Finance Commission का गठन करता है, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है।

राज्य वित्त आयोग राज्य और पंचायतों के बीच taxes, duties, tolls और fees की net proceeds के वितरण, पंचायतों को सौंपे जाने वाले करों तथा राज्य की संचित निधि से पंचायतों को दिए जाने वाले grants-in-aid के सिद्धांतों पर संस्तुति करता है। यह पंचायतों की financial position सुधारने के उपाय भी सुझाता है।

कारण (R) गलत है। संघ वित्त आयोग पंचायतों के संसाधनों को बढ़ाने से संबंधित संस्तुति कर सकता है। संविधान के अनुच्छेद 280(3)(bb) के अनुसार Union Finance Commission राज्य वित्त आयोग की recommendations के आधार पर राज्य की संचित निधि को बढ़ाने के उपाय सुझा सकता है ताकि पंचायतों के संसाधनों की पूर्ति की जा सके।

अर्थात Union Finance Commission स्वयं पंचायत के लिए कोई अलग direct treasury नहीं चलाता, लेकिन वह पंचायतों के लिए financial augmentation/grants की constitutional recommendation framework का हिस्सा है। इसलिए यह कहना कि वह पंचायतों को वित्तीय सहायता के संबंध में कोई संस्तुति ही नहीं कर सकता, गलत है।

यहाँ targeted distinction याद रखें—

State Finance Commission → Article 243-I → State–Panchayat financial relations
Union Finance Commission → Article 280 → States की Consolidated Fund को augment करने की recommendation, ताकि Panchayats के resources supplement हों

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