JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2014

Previous Year Question

राष्ट्रपति आंग्ल-भारतीय समुदाय से कितने सदस्यों को नामित कर सकता है, यदि वह इस राय का है कि लोक सभा में इस समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है ?

A.

3

B.

5

C.

1

D.

2

Correct Answer: D

Detailed Solution

इस प्रश्न के समय लागू संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार राष्ट्रपति अधिकतम दो आंग्ल-भारतीय सदस्यों को लोक सभा में नामित कर सकता था। संविधान के अनुच्छेद 331 में प्रावधान था कि यदि राष्ट्रपति की राय में Anglo-Indian community का लोक सभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, तो वह उस समुदाय के दो से अधिक नहीं सदस्यों को नामित कर सकता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे छोटे समुदाय को लोक सभा में प्रतिनिधित्व देना था, जो सामान्य निर्वाचन प्रक्रिया से पर्याप्त संख्या में प्रतिनिधि न भेज पाए।

यहाँ “अधिकतम दो” महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति के लिए हमेशा दो सदस्यों को नामित करना अनिवार्य नहीं था; Article 331 की शक्ति तभी प्रयोग की जाती थी जब राष्ट्रपति को लगता था कि समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है।

वर्तमान स्थिति

यह Question 2014 की तत्कालीन संवैधानिक व्यवस्था पर आधारित है। बाद में 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा अनुच्छेद 334 में परिवर्तन किया गया। Anglo-Indian community के लिए यह special representation 25 जनवरी 2020 के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया। इसलिए वर्तमान लोक सभा में राष्ट्रपति द्वारा दो Anglo-Indian सदस्यों के nomination की यह व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि Article 331 का पाठ संविधान में अभी भी दिखाई देता है, लेकिन Article 334 की समय-सीमा के कारण nomination-based representation की प्रभावशीलता समाप्त हो चुकी है।

इसलिए परीक्षा के लिए distinction रखें—

पुरानी व्यवस्था → अधिकतम 2 सदस्य
25 जनवरी 2020 के बाद → Anglo-Indian nomination का special representation प्रभावी नहीं

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